शाहपुरा में श्रीमद् भागवत कथा का समापन
अंतिम दिवस में कृष्ण–सुदामा की मित्रता और कौरव विनाश का प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त
शाहपुरा। ✍️ मोनू सुरेश छीपा
श्री चारभुजानाथ महिला मंडल एवं क्षेत्र के भक्तजनों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन शुक्रवार को भाणा गणेशजी स्थल पर हुआ। अंतिम दिन कथा वाचक पंडित देवकिशन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परममित्र सुदामा की अलौकिक मित्रता का हृदयस्पर्शी वर्णन किया।
शास्त्री ने बताया कि सच्चा मित्र वही होता है जो कठिन समय में साथ निभाए। श्रीकृष्ण ने भी निर्धनता में जीवन व्यतीत कर रहे सुदामा की सहायता कर आदर्श मित्रता का संदेश दिया। आगे उन्होंने कौरवों की अनीति, अत्याचार और कूटनीति के विरुद्ध श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन का साथ देकर अधर्म के विनाश का प्रसंग भी सुनाया।
भजनों की प्रस्तुति पर झूम उठे भक्त
अंतिम दिन पंडित देवकिशन शास्त्री और सहयोगी राजेश शर्मा ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। भजनों पर भक्त नृत्य करने लगे और कथा मंडप में शास्त्री एवं राजेश शर्मा पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।
पंडित शास्त्री अब तक शाहपुरा में चौथी बार भागवत कथा सुना चुके हैं।
आभार व सम्मान के साथ कथा का विराम
चारभुजानाथ महिला मंडल ने पंडित देवकिशन शास्त्री एवं राजेश शर्मा का सम्मान करते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया। भक्तजनों ने कथा के माध्यम से भागवत ज्ञान अर्जित कर भजनों का रसास्वादन किया।
कथा के सफल आयोजन में राजाबाबू का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।


