राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की हुरडा उपशाखा के तत्वाधान मे महिला संवर्ग संगोष्ठी का आयोजन।
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गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव)
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की हुरड़ा उप-शाखा के तत्वावधान में महिला संवर्ग संगोष्ठी का आयोजन विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर महर्षि गौतम आश्रम में किया गया । इस अवसर पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सुमन शर्मा ने रानी अब्बक्का देवी (या अब्बक्का चौटा) जो कि 16वीं सदी में एक महान प्रजा वत्सल ,समदर्शी, समरसता और न्याय को समर्पित महिला शासिका रही उनके जीवन वृत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने कर्नाटक के उल्लाल पर शासन किया व अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती हैं , उन्होंने पुर्तगालियों के विरुद्ध कई युद्ध लड़े, जिसके कारण उन्हें “अभया रानी” (निडर रानी) के रूप में जाना जाता है। बहुत से इतिहासकार उन्हें भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानियों में से एक मानते हैं। वह युद्ध में अग्निबाण का संधान करने वाली अंतिम शासकों में से एक थीं वे अपने राज्य में सभी लोगों को समान आदर देती थीं और एक न्यायप्रिय शासक के रूप में जानी जाती थीं । कर्नाटक के उल्लाल में उनके सम्मान में ‘वीर रानी अब्बक्का उत्सव’ मनाया जाता है। भारत सरकार ने उनके शौर्य और योगदान को नमन करने के लिए 2003 में उनके नाम पर एक डाक टिकट जारी किया था हमे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र में सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और हमारे जीवन मूल्यों की रक्षा करनी होगी , सामाजिक समरसता एवं भावी पीढ़ी में संस्कार व राष्ट्र प्रेम की भावना का विकास एक मां ही कर सकती है और इन सब में महिला शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है ।
द्वितीय सत्र में निर्मला सुखवाल ने राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का सांगठनिक परिचय देते हुए बताया कि प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षक संगठन जो सभी केडर (शिक्षक वर्गों) की बात करता है और शिक्षा,शिक्षार्थी और शिक्षक तीनों के विकास के लिए कार्य करता है, संगठन का ध्येय है राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक और शिक्षक हित में समाज इन सबके साथ संगठन समाज में पंच परिवर्तन के लिए भी काम कर रहा हैं जिनमें सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य और स्व का बोध आदि सम्मिलित हैं और इन सबमें महिला शिक्षकों की बड़ी महत्वपूर्ण भागीदारी है । संगोष्ठी में मुख्यातिथि शिमला शर्मा ने शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की और शिक्षकों ने बीएलओ से मुक्त करने, व्याख्याता -द्वितीय व तृतीय श्रेणी स्थानान्तरण एवं डीपीसी शीघ्र करने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की ओर ध्यान आकर्षित किया। संगोष्ठी में नीरजा भाटी, शिमला नागला, ममता शर्मा, नंदू हाथीवाल,तारा लखारा, बीना टांक, सुनीता शर्मा, शर्मीला त्रिपाठी, रामकन्या पाराशर, जयमाला यादव,विनय शर्मा,ज्योति वैष्णव, अंजली व्यास,गीता यादव, शीला मौर्य,अंतिमबाला सहित संगठन की अनेक महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही । हुरडा सभाध्यक्ष गोपाललाल भील, acbeo के पी सिंह,हुरडा उपशाखा मंत्री नागेश्वर दाधीच, सदर्भ व्यक्ति देवेंद्र देव जोशी, ब्लॉक साक्षरता प्रभारी पुरुषोत्तम शर्मा का सहयोग रहा व संचालन मंजुलता शर्मा ने किया ।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की हुरडा उपशाखा के तत्वाधान मे महिला संवर्ग संगोष्ठी का आयोजन।
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