पॉक्सो केस में डीएनए सैंपल बदलने की 8 लाख की डील!
एसीबी ने बिछाया ट्रैप, पर ट्रैफिक जाम में फंसे अफसर; दलाल 3 लाख लेकर फरार
एफएसएल लैब टेक्नीशियन और दलाल के खिलाफ वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर एसीबी ने मामला दर्ज किया; परिवादी को घर ले जाकर रकम लेकर लौट आया आरोपी
By — मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान
जयपुर/दौसा। पॉक्सो केस में फंसे दो आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट बदलवाने के लिए 8 लाख की भारी–भरकम रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। एसीबी को एफएसएल के लैब टेक्निशियन रामबाबू मीणा और दलाल रवि मीणा के खिलाफ सत्यापन के दौरान ठोस सुराग मिले। ट्रैप की कार्रवाई भी शुरू की गई, लेकिन ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण एसीबी टीम मौके पर समय पर नहीं पहुंच पाई और आरोपी 3 लाख रुपए लेकर फरार हो गए।
एसीबी ने परिवादी और आरोपी के बीच हुई बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग और सत्यापन के आधार पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
कैसे बेनकाब हुआ 8 लाख की रिश्वत का खेल
लोटवाड़ा निवासी रामकेश ने 31 अक्टूबर को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके भाई सुमेर और अजीत पॉक्सो एक्ट में जेल में हैं। इसी दौरान अजीत मीणा के भाई अजय को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को रवि मीना बताया और दावा किया कि एफएसएल अधिकारी रामबाबू मीणा डीएनए सैंपल बदलवा सकते हैं। इसके लिए 8 लाख रुपए की मांग की गई।
रामकेश ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी को कहा कि वह इन लोगों को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता है। इसके बाद एसीबी ने कांस्टेबल आशीष को भेजकर सत्यापन करवाया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
रिश्वत की रकम तैयार—50 हजार असली, 2.50 लाख डमी करेंसी
ट्रैप के लिए रामकेश ने 50 हजार रुपए के असली नोट और ₹2.50 लाख की डमी करेंसी को एक थैली में रखकर एसीबी की टीम संग 6 नवंबर की शाम एनआरआई चौराहे के पास पहुंचा। कुछ देर बाद आरोपी रवि मीना स्कूटी से आया और परिवादी को बहाने से अपने घर ले गया।
एसीबी की टीम पीछे-पीछे रवाना हुई लेकिन तेज ट्रैफिक और जाम के कारण सरकारी गाड़ियां फंस गईं। इसी बीच रवि मीना थैली लेकर गायब हो गया और परिवादी को वापस सड़क पर छोड़ आया।
एसीबी पहुंची तो पैसे गायब
जब एसीबी आरोपी के घर पहुंची, तब तक रिश्वत की रकम गायब हो चुकी थी। हालांकि वॉयस रिकॉर्डिंग और सत्यापन के आधार पर एसीबी ने एफएसएल टेक्नीशियन रामबाबू मीना और दलाल रवि मीना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
एसीबी अब आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
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