भीलवाड़ा की सड़कों पर उतरा महिलाओं का सैलाब, अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले नेताओं को दिखाया आईना; पढ़ें पूरी खबर
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा।
नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर चल रही राजनैतिक खींचतान अब सड़कों पर उतर आई है। महिला आरक्षण बिल को कथित तौर पर अटकाने की साजिश और विपक्षी दलों के रवैये के खिलाफ भीलवाड़ा में महिलाओं का ऐतिहासिक ‘जन आक्रोश’ देखने को मिला। सर्व महिला समाज के बैनर तले आयोजित इस पदयात्रा में सैंकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया और हुंकार भरी कि मातृशक्ति के अधिकारों के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेताओं की शवयात्रा और जूतों की माला
भीलवाड़ा की सड़कों पर आक्रोश का ऐसा मंजर दिखा कि महिलाओं ने विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं—राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव के पुतलों की शवयात्रा निकाली। भोपाल क्लब चौराहे से शुरू हुई इस यात्रा में पुतलों को जूतों की माला पहनाई गई। प्रदर्शनकारी महिलाएं हाथों में तख्तियां लिए हुए थीं और ‘नारी शक्ति के सम्मान में, शहर की महिलाएं मैदान में’ जैसे गगनभेदी नारे लगा रही थीं।
मां दुर्गा के रूप में पुतलों का ‘संहार’
प्रदर्शन का सबसे प्रभावशाली दृश्य सूचना केंद्र (बजरंगी चौराहा) पर देखने को मिला। यहाँ मां दुर्गा का स्वरूप धारण किए एक महिला ने त्रिशूल से इन प्रतीकात्मक पुतलों का ‘संहार’ किया। इसके बाद महिलाओं ने उन पुतलों को चौराहे पर रखे कूड़ेदान में डाल दिया। महिलाओं का कहना था कि नारी विरोधी मानसिकता रखने वाले नेताओं की सही जगह कूड़ेदान ही है।
“2029 में महिलाएं लेंगी हिसाब”
इस दौरान भाजपा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “कांग्रेस ने लोकसभा में विधेयक गिराकर अपनी असल सोच दिखा दी है। यदि यह बिल पास होता, तो 2029 में महिलाएं 33% आरक्षण की हकदार होतीं।” वहीं, जन आक्रोश अभियान की संयोजिका कोमल परिहार और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि भीलवाड़ा का यह सैलाब इस बात का सबूत है कि महिलाएं अब अपने अपमान का प्रतिशोध लेना जानती हैं।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
प्रदर्शन में महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष रेखा परिहार, जिलाध्यक्ष मंजू पालीवाल, ज्योति आशीर्वाद सहित रेखा अजमेरा, मोहिनी माली, रागिनी गुप्ता, अभिश्रुता सोलंकी और बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों की पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्राएं मौजूद रहीं। मां दुर्गा के स्वरूप में शोभिका जागेटिया ने नेतृत्व किया।


