संत निरंकारी सत्संग भवन मे भक्ति पर्व सत्संग आयोजित।
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गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव) स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन मे
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी की कृपा से संपूर्ण विश्व भर में भक्ति पर्व सत्संगो का आयोजन किया गया। इसी के तहत ब्रांच गुलाबपुरा में विशाल सत्संग का आयोजन रखा गया। सत्संग की शुरुआत अवतार वाणी गायन से हुई। सत्संग में बाहर से आए कई महापुरुषों ने गीत, कविता, विचारों के माध्यम से अपने भाव प्रकट किए। रूपाहेली से आये महात्मा अमरचंद ने अपने प्रवचनों में फरमाया कि भक्ति की राह आसान नहीं है। यहां पूर्ण समर्पण करके ही भक्ति मार्ग में आगे बढ़ा जा सकता है। भक्ति करने से पूर्व सतगुरु द्वारा ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ईश्वर का साक्षात्कार अवश्य कर लेना चाहिए, इसके बिना भक्ति सदैव अधूरी रहती है। जिसकी भक्ति, जिसकी पूजा, उसका ज्ञान जरूरी है। कहे हरदेव पहले ईश्वर की पहचान जरूरी है। आपने नवधा भक्ति और भक्तों के 4 प्रकार – आर्त, अर्थाति, जिज्ञासु और ज्ञानी पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
सत्संग में गुलाबपुरा, विजयनगर हुरडा, रूपाहेली, आंगुचा, आसींद, शाहपुरा, अरवड़, सिंगावल, गनाहेड़ा और भी कई गांवों से संत महात्मा शामिल हुए। सत्संग में गुलाबपुरा संयोजक ओंकार सिंह ने सभी संतों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित किया। सत्संग का संचालन सेवादल संचालक निकंत कुमार ने किया। निरंकारी सेवादल के महात्माओं ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संपादित की।
संत निरंकारी सत्संग भवन मे भक्ति पर्व सत्संग आयोजित।
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