संगम विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: शिक्षक परमेश्वर प्रसाद कुमावत को मिली PhD की उपाधि, माता-पिता की उपस्थिति में रचा इतिहास।
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा/भीलवाड़ा। सफलता जब अपनों के आशीर्वाद के साथ मिले, तो उसकी चमक दोगुनी हो जाती है। ऐसा ही नजारा संगम विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में देखने को मिला, जहाँ स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल शाहपुरा के वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत) परमेश्वर प्रसाद कुमावत को डॉक्टरेट (PhD) की उपाधि से नवाजा गया।
माता-पिता की मौजूदगी में मिली डिग्री
डॉ. कुमावत की विशेष इच्छानुसार, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन्हें उनके माता-पिता की गरिमामयी उपस्थिति में यह उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने सांकेतिक डिग्री वितरण कर डॉ. कुमावत सहित 871 विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
संस्कृत साहित्य पर किया शोध कार्य
डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने अपना शोध कार्य डॉ. रजनीश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में पूर्ण किया। उनके शोध का विषय “पंडित सत्यनारायण शास्त्री विरचित ‘श्रीसंस्कृतदोहासप्तशती एवं साहित्यसुधासौहित्यम्’ का समीक्षात्मक अध्ययन” रहा। संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में उनके इस योगदान की शैक्षणिक जगत में सराहना की जा रही है।
गाँव के प्रथम ‘डॉक्टर’ होने का गौरव
अपनी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. कुमावत ने कहा:
”यह उपलब्धि मेरे माता-पिता के आशीर्वाद और गुरु के मार्गदर्शन का परिणाम है। मैं अपनी यह उपाधि उन्हें ही समर्पित करता हूँ। मुझे गर्व है कि मुझे अपने गाँव का प्रथम डॉक्टरेट होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”
समारोह में ये रहे उपस्थित
दीक्षांत समारोह के दौरान मंच पर भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, संगम समूह के चेयरपर्सन रामपाल सोनी, कुलपति करुणेश सक्सेना, आईइएम इंदौर के प्रोफेसर पी.के. सिंह और प्रो वीसी मानस रंजन पाणिग्रही सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।


