अफीम तस्करी मामले में गुलाबपुरा न्यायालय का बड़ा फैसला: दो तस्करों को 10-10 साल की जेल और भारी जुर्माना
रामकिशन वैष्णव
गुलाबपुरा (भीलवाड़ा)। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की गुलाबपुरा स्थानीय अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश विनोद कुमार वाजा ने अफीम तस्करी के दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2 अक्टूबर 2016 का है। गुलाबपुरा पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 79 (NH-79) पर स्थित 29 मील चौराहे पर नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान भीलवाड़ा से अजमेर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार सफेद कार को रुकवाया गया।
तलाशी लेने पर कार की सीट के पीछे छिपाई गई एक थैली मिली, जिसमें 2 किलो 700 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
दोषियों का विवरण और कानूनी धाराएं
पकड़े गए आरोपी मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निवासी हैं:
- दीपक नागदा (पुत्र मदनलाल नागदा, निवासी रेवली देवली)
- विष्णु नागदा (पुत्र भरत नागदा, निवासी रेवली देवली)
अदालत ने दोनों को NDPS एक्ट की धारा 8/18 के तहत दोषी पाते हुए 10-10 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। साथ ही, विष्णु नागदा को धारा 8/25 के तहत अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी
इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रेखा चौहान ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने के लिए:
- 11 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
- 41 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।
- 10 आर्टिकल कोर्ट के समक्ष प्रदर्शित किए।
न्यायालय ने इन साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तस्करी के गंभीर अपराध के लिए आरोपियों को दोषी करार दिया।


