सेवानिवृत्ति पर अनूठी मिसाल: प्रधानाध्यापक रामचंद्र रैगर ने स्कूल विकास के लिए दान किए 93 हजार रुपए
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
मेवाड़ की दानवीरता की परंपरा: प्रधानाध्यापक ने अपनी सेवानिवृत्ति को बनाया यादगार, विद्यालय विकास के लिए की 93,000 की घोषणा
गुंदली | 31 मार्च
मेवाड़ की धरा हमेशा से दानवीरों और भामाशाहों की रही है। इसी शाश्वत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बांसडा के प्रधानाध्यापक रामचंद्र रैगर ने अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय विकास के लिए ₹93,000 की सहयोग राशि की घोषणा कर एक नई मिसाल पेश की है।
कहां-कितनी राशि का होगा सहयोग?
गुंदली विद्यालय के प्रधानाचार्य नेमीचंद खारीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पीईईओ प्रतिनिधि कमल कुमार नाहर और महेश मंडोवरा की प्रेरणा से श्री रैगर ने अपनी जमा पूंजी से विद्यालयों के विकास का संकल्प लिया है। इस राशि का वितरण निम्नानुसार होगा:
- पीईईओ गुंदली स्कूल: ₹51,000
- बांसडा स्कूल: ₹21,000
- सालमपुरा स्कूल: ₹21,000
- कुल राशि: ₹93,000
“38 साल की सेवा के आगे यह दान कुछ भी नहीं”
ग्राम पांसल निवासी रामचंद्र रैगर ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा पूरा जीवन शिक्षा विभाग को समर्पित रहा है। इन 38 वर्षों की सेवा के सामने यह दान बहुत छोटा है। स्कूलों का सर्वांगीण विकास केवल सरकार के भरोसे नहीं, बल्कि भामाशाहों के सहयोग से ही संभव है।” उन्होंने विशेषकर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले अन्य कार्मिकों को भी विद्यालय विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
स्टाफ ने दी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं
इस गौरवपूर्ण अवसर पर पीईईओ गुंदली परिवार की ओर से लादूराम दाधीच, मुरलीधर अहीर, सत्यनारायण खटीक, संजीव मेहता, सुशीला बघेरवाल, रामेश्वर धोबी सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने रामचंद्र रैगर का अभिनंदन किया। सभी ने उनके स्वस्थ जीवन और सफल सेवानिवृत्ति के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।



