अक्षय तृतीया पर अनूठी पहल: महंत मोहन शरण शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुआ 31 जोड़ों का निकाह, उपहार में दी गईं 83 वस्तुएं
रिपोर्ट: मोनू सुरेश छीपा (द वॉयस ऑफ राजस्थान)
भीलवाड़ा/शाहपुरा। अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर निम्बार्क पारमार्थिक सेवा संस्थान द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन भक्ति, शक्ति और सेवा का संगम बन गया। महंत श्री मोहन शरण जी शास्त्री के पावन सानिध्य में आयोजित इस समारोह में 31 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि के फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की।
संतों का दिव्य सानिध्य और राजनेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में आध्यात्मिक और राजनीतिक जगत की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। महामंडलेश्वर हंसराम जी महाराज, महामंडलेश्वर बाबू गिरी जी महाराज, और सांगानेर से पधारे गोपाल दास जी महाराज सहित कई पूज्य संतों ने नव-दंपतियों को मंगल आशीर्वाद दिया।
वहीं, मुख्य अतिथि के रूप में मांडल विधायक गोपाल खंडेलवाल और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर ने शिरकत कर जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। राजस्थान जन मंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने संस्थान के इस सेवा प्रकल्प की मुक्तकंठ से सराहना की।
तुलसी-शालिग्राम विवाह रहा आकर्षण का केंद्र
समारोह के मुख्य यजमान राकेश शर्मा एवं दीपिका शर्मा रहे। इस दौरान भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह पूरे विधि-विधान से संपन्न कराया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इससे पूर्व नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका शहरवासियों ने पुष्प वर्षा कर ऐतिहासिक स्वागत किया।
बेटी की विदाई: 83 वस्तुओं की दी गई भेंट
संस्थान ने ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के संकल्प को दोहराते हुए प्रत्येक नव-विवाहित जोड़े को गृहस्थी बसाने के लिए 83 आवश्यक वस्तुओं की किट प्रदान की। इसमें सिलाई मशीन, प्रेस, पलंग, अलमारी और रसोई के बर्तन जैसे महत्वपूर्ण उपहार शामिल थे, ताकि बेटियों को नए घर में कोई असुविधा न हो।
महंत मोहन शरण जी शास्त्री ने आयोजन की सफलता पर सभी कार्यकर्ताओं और दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में समरसता और एकजुटता बढ़ती है।
रिपोर्ट: मोनू सुरेश छीपा (द वॉयस ऑफ राजस्थान)


