5-Day Banking in India 2026: क्या सरकार ने दी शनिवार की छुट्टी को मंजूरी? जानें क्या है वर्क फ्रॉम होम का सच।

शाहपुरा | द वॉइस ऑफ राजस्थान (The Voice of Rajasthan)
ब्यूरो चीफ: मोनू सुरेश छीपा
नई दिल्ली/शाहपुरा। भारतीय बैंकिंग सेक्टर में ‘5-डे वर्किंग’ (5-Day Banking) और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों ने ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों के बीच हलचल मचा दी है। क्या वाकई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं? आइए जानते हैं क्या है जमीनी हकीकत।
5-डे बैंकिंग: समझौते के बाद भी अधिसूचना का इंतज़ार
बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें भी कॉर्पोरेट सेक्टर की तरह हर शनिवार और रविवार की छुट्टी दी जाए। इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और कर्मचारी संगठनों के बीच इस पर सैद्धांतिक सहमति तो बन चुकी है, लेकिन मई 2026 तक भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इस पर अंतिम मुहर (Notification) लगाना बाकी है। वर्तमान में, बैंक अभी भी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं।
वर्क फ्रॉम होम और प्रधानमंत्री की अपील
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल को देखते हुए, केंद्र सरकार ने तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कॉर्पोरेट और निजी संस्थानों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की अपील की है। हालांकि, यह अपील बैंकिंग क्षेत्र के फ्रंट-ऑफिस कर्मचारियों (जो सीधे जनता से मिलते हैं) के लिए अनिवार्य नहीं है। निजी क्षेत्र के कुछ बड़े बैंक जैसे HDFC और ICICI अपने कुछ ऑपरेशंस डिपार्टमेंट के लिए हाइब्रिड मॉडल (WFH) अपना रहे हैं।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
यदि भविष्य में 5-डे बैंकिंग लागू होती है, तो बैंक शाखाओं के खुलने का समय (Working Hours) प्रतिदिन 40-50 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो। डिजिटल ट्रांजेक्शन और UPI के बढ़ते चलन के कारण बैंकों पर भौतिक कार्यभार कम हुआ है, जिसे इस बदलाव का मुख्य आधार माना जा रहा है।
सावधान रहें: सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे किसी भी वायरल मैसेज पर भरोसा न करें जिसमें दावा किया जा रहा हो कि कल से ही बैंक 5 दिन खुलेंगे। आधिकारिक सूचना के लिए अपने बैंक की वेबसाइट या The Voice of Rajasthan की खबरों पर नज़र बनाए रखें।


