गुलाबपुरा/हुरड़ा (रामकिशन वैष्णव): हुरड़ा ग्राम में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का तीसरा दिन भक्ति और आस्था के रंग में रंगा रहा। कथा व्यास श्री अर्जुन राम जी महाराज ने अपने मुखारविंद से भगवान शंकर की पौराणिक कथाओं का रसपान कराते हुए भक्तों को धर्म के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया।
शिव भक्ति और पूजन पद्धति का महत्व
कथा के दौरान महाराज श्री ने भगवान शंकर की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने भक्तों को शिव पूजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया, जिनमें शामिल हैं:
- पंच गंगा का महत्व: पंच गंगा का महत्व एवं इसके स्थान की जानकारी।
- पूजा विधि: पंचोपकार पूजा पद्धति, बिल्व पत्र पूजन की विधि और पार्थिव शिवलिंग पूजन के साधन।
- रुद्राक्ष की महिमा: रुद्राक्ष धारण करने के नियम और महत्व।
- अन्य विषय: शिव नाम और शिव चिन्ह का प्रभाव, पंच ऋण से मुक्ति के साधन एवं नारद जी की समाधि की कथा।
महाराज श्री ने बताया कि भगवान की कथा का श्रवण करने वाला, उसे आयोजित करने वाला और सुनाने वाला—तीनों का ही कल्याण होता है।
भजनों पर झूमे भक्त
शिव पुराण की कथा के साथ-साथ भगवान भोलेनाथ के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नाचते और झूमते हुए नजर आए, जिससे माहौल शिवमय हो गया।
यजमान और महाआरती
आज की कथा के यजमान के रूप में महावीर नागर, राम पाल साहू और संपत कुमार व्यास ने धर्मलाभ लिया। कथा के पश्चात महाआरती का आयोजन किया गया। प्रसाद वितरण स्वर्गीय श्री श्याम लाल जी व्यास की पुण्यस्मृति में व्यास परिवार की ओर से किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।


