शहर में एक और हुआ नेत्रदान महादान, भारद्वाज परिवार ने पेश की मानवता की मिसाल
स्व. सत्यनारायण भारद्वाज के मरणोपरांत परिजनों ने कराया नेत्रदान, दो लोगों के जीवन में जगेगी रोशनी
गुलाबपुरा | रामकिशन वैष्णव
स्थानीय शहर के गौशाला रोड निवासी स्वर्गीय सत्यनारायण जी भारद्वाज (कंपाउंडर साहब) के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान कराकर मानवता और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। गहरे शोक के इस क्षण में भी परिवार ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूजनीय बाबूजी की स्मृति को अमर बनाने के लिए नेत्रदान का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
इस पुनीत कार्य को संपन्न कराने में स्थानीय सामाजिक संस्था ‘पर्यावरण मित्र मंडल’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था के प्रयासों एवं जागरूकता अभियानों से प्रेरित होकर ही परिवार ने नेत्रदान के लिए अपनी सहमति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि पर्यावरण मित्र मंडल द्वारा पूर्व में भी क्षेत्र में कई सफल नेत्रदान संपन्न कराए जा चुके हैं तथा संस्था लगातार समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।
नेत्रदान की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए अजमेर से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पूरे सम्मान एवं गरिमा के साथ आवश्यक कार्यवाही संपन्न की। चिकित्सकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नेत्र सुरक्षित कर उन्हें जरूरतमंदों के लिए संरक्षित किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि जब कोई व्यक्ति इस दुनिया से विदा होने के बाद भी किसी अन्य के जीवन में रोशनी का संचार करता है, तो वह समाज में सदैव अमर हो जाता है। दुख की इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लेने पर क्षेत्रवासियों ने भारद्वाज परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उनके इस कदम को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
नेत्रदान को महादान बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आमजन से भी इस दिशा में आगे आने और मृत्यु के पश्चात नेत्रदान सहित अंगदान के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
— मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान


