आईफा का आयोजन: राजस्थान फिल्म निर्माण का प्रमुख केन्द्र बनने की ओर……
हैदराबाद में 674 हेक्टेयर में फैले दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो रामोजी फिल्म सिटी को देखकर मन में आया कि मेरा गृहराज्य राजस्थान फिल्म निर्माण का केन्द्र क्यों नही बन सकता है ?
महाराष्ट्र का मुंबई, बॉलीवुड के लिए, तमिलनाडु का चेन्नई, कोलीवूड के लिए, आंध्र प्रदेश का हैदराबाद, टॉलीवूड के लिए और कर्नाटक का बेंगलुरु, सैंडलवुड के लिए जाना जाता है। इसी तरह पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बंगाली फिल्म उद्योग, केरल में मलयालम फिल्म उद्योग,
ओडिशा में उड़िया फिल्म उद्योग, उत्तर प्रदेश में ब्रजवुड और बिहार भॉलीवुड के नाम से जाना जाता है तो राजस्थान में क्या कमी है ?
मेरे हैदराबाद से आने के कुछ दिनों बाद ही जयपुर में आईफा 2025 के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान प्रदेश भी भारत का प्रमुख फिल्म निर्माण केन्द्र बन सकता है और जयपुर में आईफा का आयोजन इसकीे शुरूआत है।
सच तो यह है कि राजस्थान प्रदेश अब ‘कॉनसर्ट टूरिज्म हब‘ के रूप में स्थापित होने चला है। राजस्थान के ऐतिहासिक किले और रेगिस्तान दुनियाभर में प्रसिद्ध है और यही कारण है कि यहां फिल्म निर्माण के लिए आर्टिफिशियल रामोजी फिल्म सिटी की भी जरूरत नही है। लेकिन हमें भी उत्तरप्रदेश फिल्म नीति 2023 की तर्ज पर ही राजस्थानी फिल्म उद्योग के प्रोत्साहन के लिए योजनाएं लागू करनी जरूरी है। यहां भी राजस्थान फिल्म विकास परिषद बनाया जा सकता है।
आईफा का पहला समारोह लंदन में हुआ और इसके बाद अबू धाबी, बैंकॉक और मुंबई जैसे शहरों ने आईफा की मेजबानी की। 25 साल पूरे होने पर जयपुर में हुये आईफा के आयोजन ने राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन और व्यापार को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया और यह साबित कर दिया कि हम वैश्विक स्तर पर बड़े सांस्कृतिक आयोजनों की मेजबानी करने में भी सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईफा 2025 के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, ‘भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का वाहक भी है। आईफा जैसे मंच भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं और भारत को एक सांस्कृतिक महाशक्ति के रूप में प्रस्तुत करते हैं। राजस्थान में यह आयोजन भारतीय सिनेमा की ताकत को दुनिया के सामने और मजबूती से रखेगा।‘
प्रधानमंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि भारतीय फिल्म उद्योग अब केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह विश्वभर में भारतीय संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहा है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आयोजन की सफलता पर कहा, ‘हम प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनोरंजन और फिल्म उद्योग के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए नई नीतियां बना रहे हैं।‘ मुख्यमंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान में फिल्म निर्माण, पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को साकार करते हुए, राजस्थान सरकार ने इस आयोजन की मेजबानी की और इसे ऐतिहासिक बना दिया। हमारा लक्ष्य राजस्थान को केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण का भी प्रमुख केंद्र बनाना है।‘
आईफा 2025 का प्रसारण 100 से अधिक देशों में हुआ, जिससे राजस्थान की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती मिली और इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही यह भी प्रमाणित कर दिया कि राजस्थान में विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देने की असीम संभावनाएं हैं।
सच तो यह है कि राजस्थान सरकार की मेजबानी में आईफा 2025 का सफल आयोजन होना प्रदेश को फिल्म निर्माण केन्द्र बनाने की दिशा में पहला सार्थक कदम है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के इस ओर किये जा रहे प्रयास सराहनीय है।#ललकार#