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*‼️अजमेर के जर्जर एलीवेटेड रोड़ पर सिर्फ़ आवाज़ाही न रोके! बल्कि इसे तोड़ने के आदेश दे अदालत‼️*💁♂️
_*पुल पर खड़ा करके हंटर मारे जाएं दोषी अधिकारियों के!*_🤨
_*”बात आज की चैनल” ने ग्राउंड लेबल पर दिखाई पुल की असलियत!*_🙋♂️
*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदी*
*अजमेर के एलीवेटेड रोड़ पर अदालत ने आवाज़ाही बन्द कर दी है। यह एक शर्मनाक घटना है। इस रोड़ की एक भुजा में बारिश के दैरान खड्डा हो गया था। रोड़ के बीच मे दरारें भी आ गई थीं।*🫢
*स्मार्ट सिटी योजना के तहत 275 करोड़ की लागत से बनाया गया यह ढाँचा शुरुआती दौर में ही विवादों में आ गया था। इसके निर्माण कर्ताओं की योग्यताओं पर तब ही सवाल उठ गए थे। निर्माण सामग्री पर भी घटिया होने के आरोप लगने लगे थे। तीन साल पहले मैंने जो ब्लॉग लिखा था उसमें ही मैंने साफ़ तौर पर यह लिख दिया था कि यह पुल गिरे बिना नहीं रहेगा। इसका गिरना तब भी तय था और आज भी।*💯
*अब जब की अदालत ने 11 जुलाई तक के लिए इस मार्ग की चारों भुजाओं पर आवाज़ाही प्रतिबंधित कर दी है यह साफ़ हो गया है कि दोषी अधिकारियों के गिरोह को नामज़द करना ज़रूरी हो चुका है। इस योजना में जितने भी अधिकारी चाहे उनकी भूमिका कितनी भी रही हो अदालत में पेश किए जाने चाहिए और उनपर उनके गुनाह तय किए जाने चाहिए।*👍
*यह तो ग़नीमत है कि जनता को कानून हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं। जनता को क़ानून में मर्यादाओं की सीमा में बांध रखा है । यदि ऐसा न होता तो जनता ख़ुद इन हरामखोर दोषियों को सरे राह सज़ा दे डालती।*💯
*भ्रष्टाचार का इतना नँगा नाच तो अजमेर के इतिहास में कभी नहीं हुआ। विकास के नाम पर स्मार्ट सिटी ने जितने भी काम किए उनमें से कोई भी जनता के लिए उपयोगी नहीं । सेवन वण्डर्स! फ़ूड कोर्ट! तोड़ने के आदेश दिए जा चुके हैं। आनासागर के हत्यारों को तलाशा जा रहा है।*🙄
*कुछ फ़ैसले अदालतें सुना रही है कुछ ईश्वर!*💁♂️
*मगर सच्चाई यही है कि एक भी जनउपयोगी काम स्मार्ट सिटी योजना में नहीं हुए। न जल निकासी के लिए एस्केप चैनल पर निर्धारित काम हुए न जल प्रबंधन के । सिर्फ़ लूट खसोट के लिए अनावश्यक निर्माण पर मनचाहा पैसा बाँटा गया।*🥺
*मुझे याद आया वह बूढ़ा पत्रकार जिसकी ज़िद पर यह बेहूदा पुल मूल नक़्शे के विरुद्ध बनाया गया। हास्यास्पद बात तो यह है कि वह पत्रकार आज भी इस घटिया पुल की सराहना करता नहीं थकता।*😯
*पिछले दिनों एक अख़बार में न्यूज़ छपी जिसमें बताया गया कि किशनगढ़ के मार्बल किंग अशोक पाटनी ने इस पत्रकार को फ़ोन पर शानदार पुल के लिए उसे बधाई दी। पहली बार द्रुत गति से पुल को पार करने पर उन्होंने पत्रकार का धन्यवाद ज्ञापित किया । पत्रकार को इस महान सफलता के लिए बधाई देने से पहले अशोक पाटनी ने काश अशोक मलिक से या मेरे से बात कर ली होती। हम बता देते कि इस पत्रकार की हठधर्मिता ने ही पूरे शहर की जान को ख़तरे में डाल दिया है।*😣
*आज सुबह हमारे चैनल “बात आज की” ने एक लाईव शो एलीवेटेड रोड़ पर केंद्रित पेश किया।हमारे प्रतिनिधि पत्रकार संजय गर्ग ने अशोक मलिक और ध्रुपद मलिक के साथ पुल निर्माण की ख़ामियों का आँखों देखा हाल दिखाया।बताया कि किस तरह यह पुल मिट्टी की बुनियाद पर खड़ा है ❓और किसी भी पल भरभरा कर गिर सकता है।*😱
*मेरा तो अदालत से सादर आग्रह है कि जनहित में इस जर्जर ढाँचे को सावधानी से गिरवाने के आदेश प्रसारित कर दें। अजमेर की जनता अदालत की आभारी रहेगी।*🙏
*और हाँ! इस घटिया पुल के निर्माण में बन्दर बांट करने वालों को इसी पुल पर लाईन से खड़े कर कौडे मारने के आदेश दें।*🤨
*दोस्तों!एलिवेटेड ब्रिज की खामियों को लेकर हमारे चैनल द्वारा की गई लाइव महाकवरेज ऊपर दिए लिंक पर क्लिक करके अवश्य देखें।*👍


