गुरु पूर्णिमा पर संत निर्मल राम जी ने दिया दिव्य उपदेश, जिले भर की हस्तियों ने प्राप्त किया आशीर्वाद
✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ओदी लुलास स्थित संत निर्मल राम जी महाराज के सान्निध्य में भव्य आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत ने अपने शिष्यों को दिव्य ज्ञान से आलोकित करते हुए जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जिले एवं प्रदेश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए। पूर्व राज्य मंत्री धीरज गुर्जर तथा जिला उप प्रमुख शंकर गुर्जर ने विशेष रूप से भाग लेकर संत का आशीर्वाद प्राप्त किया।
संत निर्मल राम जी ने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि “गुरु ही वह सेतु है, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।” उनके प्रवचन ने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण के लिए प्रेरित किया।
भोजन प्रसादी का किया गया आयोजन
इस अवसर पर भीलवाड़ा के प्रतिष्ठित मुछाल परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं प्रसादी का सुंदर आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों ने इस सेवा भावना की सराहना करते हुए परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्यभर की प्रमुख हस्तियों ने दी उपस्थिति
आयोजन में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों से जुड़ी गणमान्य हस्तियों ने भाग लिया। सभी ने संत निर्मल राम जी से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध करने की कामना की।
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन संत के शिष्यों द्वारा अत्यंत श्रद्धा और समर्पण भाव से किया गया। अंत में श्रद्धालुओं ने संत के प्रति कृतज्ञता एवं भक्ति भाव व्यक्त करते हुए गुरु पूर्णिमा पर्व की महत्ता को आत्मसात किया।


