*अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों के विद्यार्थियों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ानें की अनिवार्यता लागू हो*
समग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से की मांग
✍️ *मोनू नामदेव।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141
झालावाड़ जिले में राउप्रावि पिपलोदी का भवन गिरने से हुआ दुःखद व ह्रदय विदारक हादसे के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के संयुक्त सचिव एवं समग्र शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रामधन बैरवा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं शिक्षा पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों के छात्र छात्राओं को सरकारी विद्यालयों में अध्ययन कराने की अनिवार्यता लागू करने की मांग की है।
बैरवा ने पत्र में बताया कि राज्य में अधिकांश अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों के छात्र छात्राएं सरकारी विद्यालयों में नहीं पढ़ते है। जब कि इन सब को वेतन-भत्ता सहित नियमानुसार अन्य सुविधाएं राज्य सरकार उपलब्ध कराती है। सरकारी विद्यालयों में अध्ययन की अनिवार्यता निम्न से शीर्ष स्तर के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों पर लागू की जावे। यदि ऐसा नियम लागू हुआ तो सरकारी विद्यालयों की कायापलट होकर अच्छे नेतृत्व के साथ साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तथा आसानी से विद्यालयों में अपेक्षित संसाधनों की पूर्ति हो सकेगी। इस कदम से सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ने से विद्यार्थियों के शिक्षक बनने के अधिक अवसर मिलेंगे ।
इस सम्बन्ध में बैरवा ने बताया कि तीन माह पूर्व शिक्षा मंत्री दिलावर के निज आवास पर उनसे आग्रह किया गया तब उन्होंने इस पर विचार करने की मंशा जताई थी। इससे पूर्व राजस्थान के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब के महामहिम राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों के विद्यार्थियों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ानें की अनिवार्यता की मंशा जता चुके हैं।


