यूपी, बिहार के लोगो द्वारा छठ पूजा पर्व सोमवार को मनाया जायेगा।
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गुलाबपुरा(रामकिशन वैष्णव) क्षेत्र मे यूपी बिहार के लोगो द्वारा छठ पूजा का पर्व सोमवार को मनाया जायेगा।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर छठ महापर्व का आयोजन श्रद्धा व उल्लास के साथ किया जाएगा। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से संबंध रखने वाले श्रद्धालु इस पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों से मनाएंगे।
शहर के मोक्षधाम खारी नदी तट पर सोमवार शाम छठ पूजा का मुख्य आयोजन होगा। श्रीनाथ प्रजापत ने बताया कि दोपहर 4 बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर से शोभायात्रा रवाना होगी। महिलाएं, पुरुष और बच्चे गाजे-बाजे व भजन-कीर्तन के साथ झूमते-गाते हुए मोक्षधाम खारी नदी पहुंचेंगे। वहाँ अस्त होते सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा और सुहागन महिलाएं पारंपरिक रीति से एक-दूसरी की मांग में सिंदूर भरेंगी। दीपों और पटाखों की रौशनी से वातावरण भक्तिमय बन जाएगा। श्रद्धालुओं के अनुसार यह पर्व दीपावली से भी अधिक पवित्र माना जाता है। छठ पूजा में सूप और दउरा (बांस से बनी टोकरी) में फल, ठेकुआ, नारियल और मिठाई रखकर घाट पर ले जाई जाती है। यह पूजा सामग्री पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल होती है।
तीन दिवसीय इस पर्व में नहाय-खाय, खरना और अर्घ्य अर्पण की विधियाँ सम्पन्न की जाती हैं। शहर में छठ घाटों की सजावट, सफाई और प्रकाश व्यवस्था जोरों पर है। श्रद्धालु उत्साहपूर्वक इस पवित्र पर्व की तैयारियों में जुटे हुए हैं। छठ पूजा का धार्मिक महत्व, छठ पूजा भारत का एक प्रमुख और प्राचीन पर्व है, जो सूर्य देवता और उनकी पत्नी उषा देवी की उपासना के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मुख्यतः बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल में अत्यधिक श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रती महिलाएं कठिन नियमों का पालन करती हैं, पहला दिन – नहाय खाय: पवित्र स्नान के साथ सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है। दूसरा दिन – खरना: दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को गुड़-चावल की खीर का प्रसाद ग्रहण किया जाता है, तीसरा दिन – संध्या अर्घ्य: डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। चौथा दिन – उषा अर्घ्य: उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया जाता है।
छठ पूजा एकता, भाईचारे और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। कठिन तपस्या और व्रत के कारण इसे आस्था और समर्पण का पर्व कहा गया है। यह पूजा नदियों, तालाबों और घाटों के किनारे की जाती है, जहाँ श्रद्धालु जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। छठ पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पर्व भी है।
यूपी, बिहार के लोगो द्वारा छठ पूजा पर्व सोमवार को मनाया जायेगा।
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