दीपोत्सव विषय पर हुआ साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन
साहित्यिक रचनाओं में झलकी देशभक्ति, अध्यात्म और लोक संस्कृति की झलक
🖋️ संवाददाता : मोनू एस. छीपा
📍 द वॉयस ऑफ राजस्थान, शाहपुरा (भीलवाड़ा)
शाहपुरा।
शहर के केशव प्रन्यास स्मृति भवन में अखिल भारतीय साहित्य परिषद, शाहपुरा इकाई की ओर से दीपोत्सव विषय पर साहित्यिक गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता श्री तेजपाल उपाध्याय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भँवर शर्मा ‘भड़ाका’ उपस्थित रहे।
गोष्ठी की शुरुआत परिषद गीत “भारती की लोक मंगल साधना साकार हो” के सामूहिक गायन से हुई, जिसे डॉ. परमेश्वर कुमावत ‘परम’ ने स्वरबद्ध किया।
कार्यक्रम में साहित्यकारों ने दीपोत्सव पर आधारित अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं —
भँवर शर्मा ‘भड़ाका’ ने “तकदीर लिखने वाले, तकदीर मेरी बदल दे” गीत सुनाकर सभी का दिल जीत लिया।
बालकृष्ण जोशी ‘बीरा’ ने “दीपों का उत्सव सभी मनाओ, ज्योत से ज्योत जलाते जाओ” और राजस्थानी व्यंग्य “नवरां क नांको नाक म नकेल…” के माध्यम से राजनीति पर तीखा प्रहार किया।
जयदेव जोशी ने देशभक्ति कविता “अंधकार के राज में ज्योति बनी उम्मीद” से माहौल को भावनात्मक बना दिया।
डॉ. कमलेश पराशर ने प्रश्नात्मक कविता “दीप मन से जलाए तन चमक जाएगा…” सुनाकर समाज में झूठ और दिखावे पर प्रहार किया, जबकि रामप्रसाद सेन ने “तुझे सूरज कहूँ या चंदा” गीत से सभी का मन मोह लिया।
कैलाश जाड़ावत ने अपनी रचनाओं के माध्यम से आध्यात्मिकता और मातृभूमि की महिमा को उजागर किया।
महिला साहित्यकार श्रीमती रीता धोबी ने अपनी कविता “आई दीवाली मेरे घर, लाई खुशियां मेरे घर…” के माध्यम से स्वदेशी और पारंपरिक दीयों के प्रयोग का संदेश दिया।
डॉ. परमेश्वर कुमावत ‘परम’ ने पंच दीपोत्सव पर आधारित अपने दोहों से भारत के विश्वगुरु बनने की दिशा की ओर संकेत किया।
ओम माली ‘अंगारा’ ने राष्ट्रसेवा और निःस्वार्थ समर्पण का संदेश दिया, वहीं रवींद्र जाड़ावत ने “दीप जले हर दीप जले…” गीत प्रस्तुत कर गोष्ठी को चरम पर पहुंचाया।
अंत में परिषद अध्यक्ष तेजपाल उपाध्याय ने “अवध में आया है खुशियों का ज्वार…” कविता सुनाई और दीपोत्सव के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी में प्रस्तुत सभी रचनाओं की समीक्षा साहित्यकार जयदेव जोशी ने की।
कार्यक्रम के अंत में सभी साहित्यप्रेमियों ने एक स्वर में दीपोत्सव को संस्कार, राष्ट्रभाव और आध्यात्मिकता का पर्व बताया।
🖋️ संवाददाता : मोनू एस. छीपा
📍 द वॉयस ऑफ राजस्थान, शाहपुरा (भीलवाड़ा)


