सांसद दामोदर अग्रवाल ने दिल्ली में जन विश्वास बिल 2025 प्रवर समिति की बैठक में लिया भाग कानूनों में संशोधन की आवश्यकता पर रखे सारगर्भित सुझाव, खुदरा दवा विक्रेताओं को राहत देने की मांग *मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान9667171141*

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सांसद दामोदर अग्रवाल ने दिल्ली में जन विश्वास बिल 2025 प्रवर समिति की बैठक में लिया भाग
कानूनों में संशोधन की आवश्यकता पर रखे सारगर्भित सुझाव, खुदरा दवा विक्रेताओं को राहत देने की मांग

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।
द वॉयस ऑफ राजस्थान9667171141*

नई दिल्ली/भीलवाड़ा, 13 नवम्बर।
भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में आयोजित जन विश्वास बिल 2025 प्रवर समिति (कानूनों में संशोधन) की बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान उन्होंने कई पुराने कानूनों में आवश्यक सुधारों की आवश्यकता पर अपने विचार रखे और व्यवसायिक सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने हेतु व्यवहारिक सुझाव दिए।

सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने जानकारी दी कि सांसद अग्रवाल ने बैठक में खुदरा दवा विक्रेताओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीकी और व्यावसायिक बदलावों को देखते हुए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को पुनर्विचार योग्य बताया जाना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि “खुदरा दवा विक्रेता डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयों को केवल उपलब्ध कराते हैं, जिनकी पैकेजिंग और मानक तय रूप से दवा उत्पादक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित किए जाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य में दवा निर्माण या मिश्रण की प्रक्रिया खुदरा स्तर पर नहीं होती, इसलिए पुराने कानूनों के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा की जाने वाली अनावश्यक कार्रवाई और उत्पीड़न अनुचित है।
सांसद ने यह स्पष्ट किया कि दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उत्पादक और विभागीय अधिकारियों की होनी चाहिए, और इसके लिए बैच-वाइज गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।

अग्रवाल ने समिति के समक्ष आग्रह किया कि पुराने और अव्यवहारिक प्रावधानों में संशोधन कर व्यवसायिक सुगमता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया जाए ताकि खुदरा दवा विक्रेताओं को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।

✍️ मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान

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