गुरलां में लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
निर्माणाधीन टंकी में नहीं पहुंचा जल, ग्रामीण फ्लोराइड युक्त 1100 TDS पानी पीने को मजबूर
चम्बल परियोजना का लाभ अब तक नहीं मिला ग्रामीणों को
गुरलां (भीलवाड़ा), 13 नवम्बर।
भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुरलां में जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से बनाई गई निर्माणाधीन पानी की टंकी आज भी बेकार पड़ी है। ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत निर्मित इस टंकी से ग्रामीणों को अब तक एक बूंद भी पानी नहीं मिला है। परिणामस्वरूप ग्रामीण आज भी गांव के पास स्थित 1100 TDS से अधिक फ्लोराइड युक्त कुएं के पानी पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी बनने के बाद भी आज तक नलों में पानी नहीं आया, जिससे वे मजबूरी में फ्लोराइड युक्त असुरक्षित पानी पी रहे हैं। कई घरों तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है, जबकि कुछ परिवारों ने 100 से 150 फीट तक पाइप जोड़कर अस्थायी कनेक्शन ले रखा है। गांव के ऊपरी हिस्सों में रहने वाले परिवार तो सालों से पानी आने का इंतजार ही कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार पीएचईडी विभाग ने इस टंकी का निर्माण दो माह पहले पूरा कर लिया था, लेकिन निर्धारित बोरवेल में पर्याप्त जल नहीं मिलने के कारण आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अब विभाग ने तालाब किनारे स्थित पेयजल कुएं से टंकी को जोड़ने की योजना बनाई है, परंतु उस पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि टंकी से कुछ दूरी पर मीठे पानी का एक कुआं मौजूद है, जिसे पाइपलाइन से जोड़कर टंकी भरी जा सकती है। लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
इसके साथ ही राज्य की करोड़ों की लागत वाली चम्बल परियोजना का लाभ भी गुरलां के ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया है। वर्तमान में बस स्टैंड क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त कुएं का पानी ही आपूर्ति किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दांत, हड्डी और पेट से जुड़ी फ्लोराइडजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि राजस्थान पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, जो भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, का उद्देश्य ग्रामीण भारत के प्रत्येक घर तक सुरक्षित, फ्लोराइड-मुक्त और पर्याप्त मात्रा में पीने योग्य पानी पहुंचाना है। बावजूद इसके, गुरलां के ग्रामीण अभी भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन टंकी को तत्काल पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जाए, चम्बल परियोजना के पानी को गुरलां तक पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि गांव के प्रत्येक घर तक शुद्ध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
✍️ सत्यनारायण सेन, गुरलां
संपादन : मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान


