‘चेतावणी रा चुंगट्या’ ने रखा मेवाड़ का मान — केसरी सिंह बारहठ की 153वीं जयंती पर कुमावत का संबोधन
देवखेड़ा में मशाल जुलूस एवं सार्वजनिक सभा का आयोजन, युवाओं को बारहठ के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा/देवखेड़ा।
मेवाड़ के सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी, स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत, कवि, लेखक और राष्ट्रनायक ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की 153वीं जयंती पर उनकी जन्मस्थली देवखेड़ा में मशाल जुलूस एवं सार्वजनिक सभा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिला सचिव डॉ. परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने कहा कि बारहठ ने ‘चेतावणी रा चुंगट्या’ के माध्यम से महाराणा फतेह सिंह को दिल्ली दरबार जाने से रोका और मेवाड़ के स्वाभिमान की रक्षा की। यह कृत्य इतिहास में अमर है और मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
कुमावत ने कहा कि ठाकुर केसरी सिंह बारहठ एक महान क्रांतिकारी और विचारक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता की ज्वाला को प्रज्वलित करने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका परिवार भी इसी मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र के लिए स्वाहा हो गया। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे बारहठ के आदर्शों और त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कुमावत ने उपस्थित जनसमूह को स्वच्छ ग्राम एवं प्लास्टिक मुक्त ग्राम की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबेडकर मंच के जिला अध्यक्ष सुरेश घूसर ने की। घूसर ने बताया कि आगामी 23 दिसंबर को देवखेड़ा में केसरी सिंह बारहठ की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा, जो गांव की सामूहिक एकता का प्रतीक बनेगी। मुख्य अतिथि के रूप में सेवा भारती जिला प्रचार प्रमुख सुरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों द्वारा आयोजित मशाल जुलूस गांव के मुख्य मार्गों से होता हुआ चारभुजा मंदिर परिसर तक पहुंचा, जहां मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में भारत माता की जय, वंदे मातरम्, केसरी सिंह अमर रहे जैसे उद्घोष गूंजते रहे।
कार्यक्रम का संचालन कैलाश सिंह जाडावत ने किया। कार्यक्रम में सुरेश घूसर ने डॉ. कुमावत को एचडी पूर्ण होने पर सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में माधव दास, बरदु जाट, बसंत वैष्णव, मदन खारोल, प्रेमराज खारोल, हंसराज खारोल, जगदीश खारोल, परमेश्वर वैष्णव, विकास वैष्णव, राकेश वैष्णव, लक्ष्मण खारोल, मीरा वैष्णव, मनफूली वैष्णव, सीमा खारोल, देवराज जाट, कैलाश जाट, देवराज खारोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।



