कोली समाज ने धूमधाम से मनाई वीरांगना झलकारी बाई की 196वीं जयंती
मुरैना में आयोजित भव्य समारोह में कई राज्यों से पहुंचे समाजजन, झलकारी बाई के शौर्य व बलिदान को किया याद
By: मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
मुरैना (मध्य प्रदेश), 22 नवंबर।
कोली समाज द्वारा वीरांगना झलकारी बाई की 196वीं जयंती मध्य प्रदेश के मुरैना में बड़े ही भव्य एवं गरिमामय आयोजन के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया।
जयंती समारोह के मुख्य अतिथि सकल कोली कोरी समाज संघ रजि० के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बामोरिया (भोपाल), राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष कौस्तुभ सिंह भाटी (अजमेर) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष (कंपाउंडर) कैलाश कोली (शाहपुरा, भीलवाड़ा) उपस्थित रहे। इसके साथ ही कई प्रदेश अध्यक्षों, पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों से आए समाज बंधुओं ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
बालिकाओं ने धारण किया झलकारी बाई का रूप
समारोह की सबसे विशेष प्रस्तुति समाज की बालिकाओं द्वारा दी गई, जिन्होंने वीरांगना झलकारी बाई का रूप धारण कर मंच पर राष्ट्रभक्ति और शौर्य की अद्भुत झलक पेश की। पूरा पंडाल “झलकारी बाई अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
अतिथियों ने झलकारी बाई के बलिदान को किया याद
मुख्य वक्ताओं— राकेश बामोरिया, कौस्तुभ सिंह भाटी और कंपाउंडर कैलाश कोली—ने संबोधित करते हुए कहा कि झलकारी बाई कोली वंश की अद्वितीय वीरांगना थीं, जिन्होंने झांसी की रक्षा, रानी लक्ष्मी बाई की सुरक्षा और राष्ट्र की अस्मिता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने बताया कि झलकारी बाई न केवल अस्त्र–शस्त्र चलाने में निपुण थीं, बल्कि उन्हें झांसी की सेना में महिला दुर्गा दल की सेनापति की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। उनका स्वरूप रानी लक्ष्मी बाई से मिलता–जुलता था, जिसकी आड़ लेकर उन्होंने अंग्रेजों को भ्रमित कर रानी की जान बचाई और युद्धभूमि में अदम्य साहस दिखाते हुए बलिदान दिया।
संगीतमय श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायिका रजनी बौद्ध ने झलकारी बाई के शौर्य और पराक्रम पर आधारित गीतों की संगीतमय प्रस्तुति देकर उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया।
आयोजन समिति की भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के संयोजक एवं मध्य प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रामप्रकाश माहौर, रामजी लालजी, और जिलाध्यक्ष बिजेंद्र फौजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे समाजजन
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, भोपाल, महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों से सैकड़ों समाज बंधु, महिलाएं और युवा समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का सुदृढ़ संचालन नरोत्तम माहौर द्वारा किया गया।


