राजस्थान में जल्द बड़े राजनीतिक फैसलों के संकेत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे पर टिकी निगाहें
मंत्रीमंडल फेरबदल, निगम–बोर्ड व आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया दिसंबर में तेज होने की संभावना
✍️ मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
जयपुर/उदयपुर। प्रदेश की राजनीति में इस समय सबसे ज़्यादा चर्चित मुद्दा—मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आगामी दिल्ली दौरा—एक बार फिर सुर्खियों में है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 27 नवंबर (गुरुवार) को जयपुर से दिल्ली प्रस्थान कर सकते हैं, जहाँ वे मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों से जुड़े अहम प्रस्तावों पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे।
मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर से उदयपुर और पाली का संयुक्त दौरा किया। कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा एवं संगठन से संवाद इस दौरे में शामिल रहा।
मंत्रीमंडल में बड़े फेरबदल की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, दिसंबर के पहले पखवाड़े में राज्य में—
- मंत्रीमंडल फेरबदल,
- निगम–बोर्ड–आयोगों में नियुक्तियाँ,
- और संगठन में कई पुनर्गठन
जैसे बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, तीन वरिष्ठ मंत्रियों व चार नए मंत्रियों सहित कुल मिलाकर मंत्रिमंडल की संरचना में बड़ा बदलाव संभव है।
हाल ही में सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर के परिवार में विवाह समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की करीब 50 मिनट की संयुक्त हेलिकॉप्टर यात्रा ने भी राजनीतिक संकेतों को और मजबूत किया है। माना जा रहा है कि इस यात्रा में राजस्थान से जुड़े कई मामलों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई होगी।
भाजपा संगठन को मिला नया रोडमैप
मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष 26 नवंबर को जयपुर स्थित सीएमआर में भरतपुर व उदयपुर संभाग के भाजपा पदाधिकारियों व प्रभारी जिलाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक लेंगे। बैठक में—
- नगरीय निकाय व पंचायत राज चुनावों की तैयारियों,
- सरकारी विभागों में लंबित समस्याओं के समाधान,
- और प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की नियमित सुनवाई व्यवस्था**
जैसे निर्णयों पर चर्चा होगी।
1 दिसंबर से भाजपा मुख्यालय में सप्ताह में तीन दिन दो–दो मंत्री आम जन और कार्यकर्ताओं की समस्याएँ सुनेंगे।
इसके अलावा मंडल अध्यक्षों को सरकारी विभागीय समितियों में सदस्यता देने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
कांग्रेस में बढ़ती नाराजगी, कई जिलों में विरोध तेज
कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नई सूची घोषित होने के बाद पार्टी के कई जिलों में असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। बीकानेर, हनुमानगढ़, नागौर, चूरू और धौलपुर में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने स्थानीय फैसलों पर नाराजगी जताई है। समुदाय आधारित प्रतिनिधित्व न मिलने की भी कई जिलों में चर्चाएँ तेज हैं।
कांग्रेस ने 29 नवंबर को जयपुर में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें दिल्ली रैली और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होगी।
राजस्थान की राजनीति में आने वाले 10–15 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दिल्ली में होने वाली मुलाकात और मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया प्रदेश की राजनीतिक दिशा और गति तय कर सकती है।


