सादी में निर्माणाधीन भगवान पार्श्वनाथ मंदिर पर पौष दशमी पर्व 14 दिसंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा

90 दिवसीय कठोर साधना से चर्चा में आए पुजारी धनराज शर्मा; छप्पन भोग, भजन संध्या और महाप्रसाद के साथ सजेगा पर्व
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा/हमीरगढ़।
हमीरगढ़ कस्बे के निकट सादी ग्राम स्थित निर्माणाधीन भगवान पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में इस वर्ष पौष दशमी जन्मोत्सव पर्व 14 दिसंबर, रविवार को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुबह से लेकर देर रात तक धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलती रहेगी।
सादी ग्राम में निंबड़ी वाले सगस जी के प्राचीन स्थल पर कोरोना काल के दौरान 11 अक्टूबर 2020 को श्री नाकोड़ा भैरवनाथ की विधिवत प्रतिष्ठा की गई थी। उसी वर्ष से यहां के पुजारी धनराज शर्मा नाकोड़ा भैरवनाथ की आज्ञा से प्रतिवर्ष तपस्या कर रहे हैं। इस वर्ष पांचवें पाट्टोत्सव के दौरान यह स्थान विशेष रूप से चर्चा में रहा, क्योंकि पुजारी शर्मा ने 90 दिवसीय कठोर साधना—वह भी बिना अन्न, बिना जल—के पूर्ण होने से सभी को आश्चर्यचकित किया।
इन 90 दिनों की तपस्या में 40 दिन की अत्यंत कठिन साधना भी शामिल थी, जिसमें पुजारी ने बिना नींद लिए, एक पैर पर खड़े होकर माला जप किया तथा खोपरे के गोले की घी–शक्कर के साथ आहूति यज्ञ कुंड में दी। वैज्ञानिक दृष्टि से असंभव प्रतीत होने वाले इस तप के सफल होने को भक्तजन नाकोड़ा भैरवनाथ की कृपा मान रहे हैं।
पर्व का कार्यक्रम
पौष दशमी पर्व पर सुबह 10 बजे से भजन गायन के साथ भक्ति रस की शुरुआत होगी। भजन गायक दिनेश पहुंना और महावीर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भजनों की प्रस्तुति देर रात तक चलेगी।
सुबह 10:30 बजे श्री सगस–नाकोड़ा धाम में छप्पन भोग का भव्य दरबार सजाया जाएगा। वहीं सायंकाल चूरमा का महाभोग भक्तों के लिए लगाया जाएगा। दिनभर भगवान पार्श्वनाथ जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।


