मेहनत रंग लाई: आलेश सुवालका ने गणित व्याख्याता परीक्षा में हासिल की 59वीं रैंक, परिवार का मान बढ़ाया
शाहपुरा (भीलवाड़ा)। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। शाहपुरा की रामनगर कॉलोनी के आलेश सुवालका (रोल नंबर 1087132) ने इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए स्कूल व्याख्याता (1st Grade) गणित परीक्षा में पूरे राजस्थान में 59वीं रैंक प्राप्त की है।
द वॉयस ऑफ राजस्थान के संपादक मोनू सुरेश छीपा से खास बातचीत के दौरान आलेश के घर में ख़ुशी का माहौल देखने को मिला। इस उपलब्धि पर आलेश के दादा श्रवण सुवालका भावुक हो उठे और उन्होंने गर्व से कहा, “हमारे पूरे परिवार में शिक्षा विभाग में व्याख्याता (Lecturer) पद पर पहुँचने वाला आलेश पहला सदस्य है। यह अपने दादा-दादी का बेहद लाडला है और आज इसने हमारा सिर फख्र से ऊँचा कर दिया है। मुझे अपने पोते पर बहुत गर्व है।”
असफलताओं को बनाया सीढ़ी
आलेश और उनके पिता कैलाश चंद्र सुवालका ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। आलेश ने अपनी पिछली असफलताओं को ही अपनी ताकत बनाया:
- बीते संघर्ष: रीट 2021 में शानदार अंक होने के बावजूद पेपर रद्द होना और फिर 2nd ग्रेड परीक्षा में मात्र 1 नंबर से रह जाना किसी भी छात्र के लिए निराशाजनक हो सकता था।
- धैर्य की जीत: आलेश ने हार नहीं मानी और अपने परिवार व दादाजी के आशीर्वाद से तैयारी जारी रखी।
सफलता का मार्ग: जयपुर में कठिन परिश्रम
आलेश ने साल 2023 से जयपुर में रहकर अपनी तैयारी को धार दी। उन्होंने सफलता के सूत्र साझा करते हुए बताया:
- मार्गदर्शन: जयपुर में ‘माथुर क्लासेज’ से गणित की कोचिंग ली।
- निरंतर अभ्यास: अमित गौड़ एकेडमी और कलाम एकेडमी की टेस्ट सीरीज के माध्यम से लगातार प्रैक्टिस की। इसी निरंतरता का परिणाम है कि उन्होंने 450 में से 252 अंक प्राप्त कर टॉप रैंक हासिल की।
दादा-दादी का लाडला और प्रेरणा
आलेश अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने दादा-दादी के प्यार, माता-पिता के त्याग और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को देते हैं। पूरे सुवालका परिवार और रामनगर कॉलोनी में आलेश की इस उपलब्धि पर जश्न का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
ब्यूरो रिपोर्ट: द वॉयस ऑफ राजस्थान (मोनू सुरेश छीपा)


