भीषण गर्मी में ग्रीष्मावकाश कटौती का विरोध; शिक्षक संघ (सियाराम) ने ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ कर जताया कड़ा रोष
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा (8 मई):
राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में की गई कटौती को लेकर शिक्षकों का आक्रोश चरम पर है। ‘द वॉयस ऑफ राजस्थान’ के संपादक मोनू सुरेश छीपा की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रांतव्यापी आंदोलन के तहत आज भीलवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) कार्यालय के बाहर भव्य सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया।
हनुमान चालीसा के पाठ के साथ शुरुआत
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने सबसे पहले श्री हनुमान चालीसा के 21 पाठ किए। इसके पश्चात शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना के साथ पवित्र यज्ञ में आहुतियां दी गईं।
कॉलेज और स्कूल शिक्षा में भेदभाव का आरोप
जिला मंत्री महेश मंडोवरा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेज शिक्षा में जहां 60 दिन का ग्रीष्मावकाश दिया गया है, वहीं स्कूली शिक्षा में इसे घटाकर मात्र 35 दिन कर दिया गया है। उन्होंने इसे अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
सालों से अटकी पदोन्नति और स्थानांतरण
जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अवकाश कटौती के अलावा तृतीय श्रेणी अध्यापकों की पदोन्नति और स्थानांतरण का कार्य पिछले 5-6 वर्षों से लंबित है, जिससे शिक्षक वर्ग में भारी असंतोष है। संभागीय मंत्री लीलाधर तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये रहे उपस्थित:
सद्बुद्धि यज्ञ में भारती झा, नीलम सिन्हा, राजीव पिल्लई, शिवराज झंवर, अजय जैन, वीणा शर्मा, सुमित मुरारी, सत्यनारायण खटीक, परिधि सैनी, मधुमती मुनोत, योगेंद्र कुमार जैन, सत्यनारायण ओझा, विनोद शर्मा, अनिल पारीक, संजीव मेहता, रामावतार शर्मा, सुधीर जावा, उमा वैष्णव, रेखा यादव, ओम प्रकाश सेन, पीयूष चंदेल, राजेंद्र कुमार जोशी, मनमोहन खोरवाल, शांति लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।


