जैन समाज ने संत-साध्वियों की सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव)। स्थानीय समस्त जैन समाज द्वारा विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दो आर्यिकाओं के प्रकरण में निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर मौन जुलूस निकाला गया। इसके पश्चात उपखंड अधिकारी दिव्यराज सिंह चूंडावत को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि अहिंसा के पथिक संत-साध्वियों के विहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए। साथ ही संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू किया जाए, संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया जाए तथा प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र विकसित कर विहार मार्गों को सुरक्षित बनाया जाए।
राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति की मांग को लेकर समस्त जैन समाजजन जैन स्थानक से हाथों में जैन धर्म ध्वज एवं मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर मौन जुलूस के रूप में निकले। जुलूस उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां समस्त जैन समाज की ओर से ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान सकल जैन समाज के मांगीलाल सेठी, कुंदनमल पाटनी, राजकुमार पाटनी, प्रदीप रांका, एन.के. जैन, नवीन शाह, अरुण काला, ज्ञानचंद बाकलीवाल, शांतिलाल डांगी, इंद्रचंद चपलोत, सुनील चेलावत, मनोज सेठी, डी.सी. लोढ़ा, राजमल जैन, महेंद्र कोठारी, अभिषेक जैन, शीतल जैन, धर्मीचंद सेठी, अरिहंत जैन, महावीर काला सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला मंडल की सदस्य उपस्थित रहे।
— मोनू सुरेश छीपा
द वॉयस ऑफ राजस्थान


