कादी सहना। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत मुख्यालय कादी सहना में कृषि विज्ञान केंद्र शाहपुरा एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (एफईएस) शाहपुरा के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत पौधारोपण के साथ विचार गोष्ठी का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं मृदा स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र शाहपुरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हीरालाल बुगालिया ने मृदा संरक्षण एवं पोषण पर जानकारी देते हुए किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय बताए। उन्होंने मृदा में जैविक तत्वों एवं सूक्ष्म जीवाणुओं की घटती संख्या से कृषि, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला।
कृषि विज्ञान केंद्र की बागवानी विशेषज्ञ डॉ. सरिता चौधरी ने पौधारोपण, आजीविका संवर्धन तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं बागवानी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड पंच रामावतार आचार्य ने की। इस अवसर पर राजस्थान में संचालित सुरभि विहार चारागाह रक्षण (सुविचार अभियान) के संयोजक डॉ. परमेश्वर कुमावत ने शामलात भूमि संरक्षण, जल संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांवों में पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत बनाने तथा ‘शुद्ध आहार-सुखी परिवार’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है।
गोष्ठी में जलवायु परिवर्तन, रासायनिक खेती के बढ़ते प्रभाव, भूजल स्तर में गिरावट तथा बाजार आधारित कृषि प्रणाली से उत्पन्न चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने मिट्टी परीक्षण तकनीक अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाने तथा उन्नत पशुपालन एवं सतत आजीविका संसाधनों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व सरपंच रतनलाल जाट ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजकुमार आचार्य, रामदेव गुर्जर, सरोज माली, मोहन सिंह, सुरेश पाराशर, कुलदीप नागर, लक्ष्मण वैष्णव, मदनलाल रेगर, मोहन बलाई, दिलीप वैष्णव सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।


