*प्रभु अरिष्टनेमी व पार्श्वनाथ भगवान की आराधना से करेंगे विश्व शांति एवं जन कल्याण की कामना*
*भीलवाड़ा में रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होगा चौबीस घंटे का महामंगलकारी अनुष्ठान*
*अनुष्ठान में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से भीलवाड़ा पहुंचे सैकड़ो श्रावक-श्राविकाएं*
भीलवाड़ा,20 सितम्बर। धर्मनगरी भीलवाड़ा की पावन धरा पर असीम आध्यात्मिक उर्जा से सराबोर कर देने वाले जिस अनूठे आयोजन का लंबे समय से इन्तजार किया जा रहा था वह आ पहुंचा है। विश्व शांति एवं जन कल्याण की मंगलकामना से अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चन्द्रिका महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में आध्यात्मिक चातुर्मास आयोजन समिति भीलवाड़ा द्वारा श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक समिति सुभाषनगर के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय महामंगलकारी अनुष्ठान समिति के प्रायोजन में रविवार सुबह 7 बजे से चौबीस घंटे का भगवान श्री अरिष्टनेमी श्री पार्श्वनाथ महामंगलकारी अनुष्ठान का आयोजन शुरू हो जाएगा। है। आरसी व्यास कॉलोनी में गेट न.33 के पास स्कूल के नजदीक ग्राउण्ड में पूर्णतया जैन विधि से होने वाले निःशुल्क महामंगलकारी अनुष्ठान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। अनुष्ठान के लिए विशाल वाटरप्रूफ डोम तैयार किया गया है। इस दौरान अनुष्ठान में भाग लेने वाले करीब दो हजार श्रावक श्राविकाओं को तीर्थंकर अरिष्टनेमी भगवान की 180 माला एवं तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान की 100 माला फेरनी होगी। अनुष्ठान सामग्री आयोजन समिति द्वारा सुबह 5.15 से 6.15 बजे तक साधकों को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक साधक को तय स्थान पर बैठकर साधना करनी होगी। सुबह 7.30 से 8 बजे तक स्वर साम्राज्ञी महाप्रज्ञाजी म.सा. द्वारा अनुष्ठान स्रोत पाठ होगा। इसके बाद वास्तुशिल्पी पद्मकीर्तिजी म.सा. द्वारा संकल्प विधि कराई जाएगी। महामंगलकारी अनुष्ठान में प्रथम नवकार महामंत्र के प्रथम कलश की स्थापना समारोह अध्यक्ष मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय करेंगे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रोफेशनल भी इस आयोजन में शामिल होकर आत्मिक साधना करेंगे। महामंगलकारी अनुष्ठान की पूर्णाहुति 22 सितम्बर सोमवार सुबह 7.15 बजे होगी। पूर्णाहुति समारोह में मुख्य अतिथि भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल होंगे। साध्वी कुमुदलताजी ने बताया कि इस अनुष्ठान आयोजन का उद्ेश्य जीवन में खुशहाली लाने के साथ हर प्रकार का तनाव दूर करना है। जिनके जीवन में राहु केतु की दशा लगी हुई उनके लिए भी ये अनुष्ठान बहुत लाभकारी एवं मंगलमय होगा। इस दौरान राहु ग्रह की शांति के लिए भगवान अरिष्टनेमी की 180 माला ओर केत ग्रह की शांति के लिए भगवान पार्श्वनाथ की 100 माला साधक फरेंगे। साधकों को इस महामंगलकारी अनुष्ठान में शामिल होकर परमात्मा की आराधना करते हुए जीवन को खुशहाल बनाने एवं कर्म निर्जरा करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। इस अनुष्ठान में शामिल होने के लिए जैन के साथ बड़ी संख्या में जैनोत्तर समाज के व्यक्तियों ने भी पंजीयन कराया है। पंजीयन कराने वाले भक्तगणों के नवकारसी एवं भोजन की व्यवस्था भी आयोजन समिति द्वारा की गई है। इस अनुष्ठान में शामिल होने के लिए मुंबई,पूना,बेंगलूरू,जयपुर, चैन्नई, हैदराबाद, नासिक, उदयपुर, कोटा, बिजयनगर सहित देश के विभिन्न स्थानों से सैकड़ो श्रावक-श्राविकाएं भीलवाड़ा पहुंच रहे है। बाहर से आने वाले श्रावक श्राविकाओं के ठहरने के लिए भी व्यवस्था की गई है।
*अनुष्ठान में शामिल होने से पहले इन बातों का अवश्य रखे ध्यान*
साध्वी मण्डल एवं आयोजन समिति ने अनुष्ठान में शामिल होने के लिए पंजीयन कराने वाले श्रावक श्राविकाओं से इसमें शामिल होने से पूर्व कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया है। श्राविकाओं को शुद्धता का पूर्ण ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। जिनके परिवार में किसी सदस्य की मष्त्यु को 12 दिन से कम समय हुआ है या परिवार में किसी का जन्म होने के बाद सूरज पूजा नहीं हुई है तो वह भी इस अनुष्ठान में शामिल नहीं हो सकते हैै। काले रंग की किसी वस्तु को साथ नहीं ला सकते। काले रंग के वस्त्र,चमड़े के पर्स ओर बेल्ट भी धारण नहीं कर सकते। अनुष्ठान में यंत्र लेने वाले श्रावक श्राविकाओं को जाप प्रारंभ होने, पूर्ण होने एवं संकल्प के समय स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। पंजीयन रसीद दिखाने पर ही मुख्य पांडाल में प्रवेश मिल पाएगा। अनुष्ठान करने वाले श्रावक श्वेत वस्त्र एवं श्राविकाएं केसरिया एवं लाल वस्त्रों में आ सकेंगे।


