गुरला क्षेत्र में लैंटाना कैमरा का तेजी से फैलाव, फसलों–जंगलों–पशुओं के लिए बना गंभीर खतरा
ग्रामीणों ने सांसद–विधायक से उन्मूलन अभियान की मांग की, सरकारी उदासीनता पर जताई नाराज़गी
सत्यनारायण सेन
गुरला/भीलवाड़ा। हाईवे 758 के आसपास गुरला क्षेत्र में तेजी से फैल रहा जंगली पौधा लैंटाना कैमरा (स्थानीय भाषा में जर्मनी कहा जाता है) किसानों, जंगलों और पशुओं के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। यह आक्रामक खरपतवार खेतों, चरागाहों और पहाड़ियों पर तेजी से फैलकर स्थानीय वनस्पतियों को नष्ट कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शासन–प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह पौधा अब बड़े पैमाने पर क्षेत्र की जैव विविधता तथा कृषि तंत्र को प्रभावित कर रहा है।
लैंटाना कैमरा: कृषि और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा
यह पौधा अपनी आक्रामक प्रकृति के कारण अन्य पौधों को पनपने नहीं देता। बड़े–बड़े पेड़ों के तनों तक को प्रभावित करते हुए यह तेजी से पूरे इलाके में फैलता जा रहा है।
- तेजी से फैलाव: जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में इसने स्थानीय वनस्पतियों को काफी हद तक ढक लिया है।
- पशुओं पर विषैला प्रभाव: इसके हरे फल खाने से पशुओं में यकृत विषाक्तता और प्रकाश संवेदीकरण जैसी बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार पशुओं की चमड़ी झड़ने लगती है और गंभीर मामलों में मौत भी हो जाती है।
- जैव विविधता को नुकसान: यह झाड़ी आसपास के पौधों की वृद्धि रोककर मिट्टी की गुणवत्ता और जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित कर रही है।
आर्थिक व सामाजिक प्रभाव
लैंटाना कैमरा की वजह से कृषि भूमि और चरागाह सिकुड़ रहे हैं, जिससे पशुधन उत्पादन में कमी आ रही है।
हालांकि शोध बताते हैं कि इसके तेल का उपयोग कीटनाशकों व सौंदर्य प्रसाधनों में किया जा सकता है, पर ग्रामीणों के अनुसार इसके फैलाव से होने वाला नुकसान इसके लाभों से कहीं अधिक है।
प्रबंधन और नियंत्रण में गंभीर चूक
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा न कोई निरीक्षण किया गया और न ही उन्मूलन की कोई ठोस योजना बनी।
विशेषज्ञों के अनुसार—
- रासायनिक नियंत्रण: 2,4-D या ग्लाइफोसेट जैसे शाकनाशियों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
- जैविक नियंत्रण: कुछ प्रयास हुए हैं, पर सफलता सीमित रही।
- एकीकृत प्रबंधन: स्थायी समाधान के लिए यांत्रिक, रासायनिक और जैविक तरीकों का संयुक्त उपयोग ही प्रभावी माना गया है।
ग्रामीणों की मांग: तुरंत शुरू हो उन्मूलन अभियान
गुरला क्षेत्र के किसानों ने सांसद एवं विधायक से मांग की है कि लैंटाना कैमरा के उन्मूलन के लिए विशेष सरकारी योजना चलाई जाए। उनका कहना है कि यह पौधा खेतों, जंगलों और पशुधन—तीनों के लिए खतरा बन चुका है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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