शाहपुरा में मानवता शर्मसार: कचरा डंपिंग यार्ड में जीवित गायों को कचरे के साथ जलाने का आरोप, क्षेत्र में भारी आक्रोश
गौ-सेवकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
✍️ *मोनू एस.छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान*
शाहपुरा (राजस्थान) | 10 अप्रैल 2026
शाहपुरा क्षेत्र के माताजी का खेड़ा स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों पर जीवित गायों को कचरे के साथ डंपिंग यार्ड में फेंकने और उन्हें आग के हवाले करने का गंभीर आरोप लगा है। इस अमानवीय कृत्य के बाद स्थानीय ग्रामीणों और गौ-सेवकों में भारी रोष व्याप्त है।
क्या है पूरा मामला?
बालाजी गोवंश हेल्पलाइन के शाहपुरा तहसील अध्यक्ष विष्णु शर्मा के अनुसार, शुक्रवार (10 अप्रैल) दोपहर करीब 12 बजे नगरपालिका की ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा लेकर माताजी का खेड़ा स्थित डंपिंग यार्ड पहुँची थी। ग्रामीणों ने देखा कि कचरे के ढेर के नीचे एक जीवित गाय दबी हुई थी। जब ग्रामीण डंपिंग यार्ड के भीतर पहुँचे, तो वहाँ का नजारा देख दंग रह गए।
वहाँ पहले से ही एक गाय आग में पूरी तरह जल चुकी थी, जबकि दूसरी गाय तड़पते हुए जल रही थी। तीसरी जीवित गाय को ट्रैक्टर-ट्रॉली से नीचे उतारा जा रहा था। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मामला गर्मा गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
विश्व हिंदू परिषद के सह प्रांत गोरक्षा प्रमुख रामेश्वर लाल धाकड़ ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने बताया कि डंपिंग यार्ड के पास ही विद्यालय और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। कचरा जलाना वैसे ही नियमों के विरुद्ध है, लेकिन जीवित पशुओं को आग में झोंकना क्रूरता की पराकाष्ठा है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
घटना से आक्रोशित गौ-सेवकों और सामाजिक संगठनों ने उपखंड अधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। धाकड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो हिंदू संगठन और गौ-सेवक उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
मौके पर मौजूद रहे ये पदाधिकारी
इस दौरान रामेश्वर लाल धाकड़, विष्णु शर्मा, कामधेनु गौ रक्षा कमांडो कमल बगड़ावत, रोडू लाल बंजारा, हीरालाल धाकड़, भंवरलाल गुर्जर, सुरेश धाकड़, उदय लाल धाकड़, शांतिलाल गुर्जर, राय सिंह बंजारा, डूंगर सिंह बंजारा, मदनलाल और राजू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


