भीलवाड़ा: श्री राधे फाउंडेशन की नई कार्यकारिणी घोषित, मानव और गौ-सेवा का लिया संकल्प
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा। सेवा और समर्पण के पर्याय श्री राधे फाउंडेशन, तिलक नगर (भीलवाड़ा) ने अपनी स्थापना के 3 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस उपलक्ष्य में कुवाड़ा स्थित तेजाजी मंदिर में संस्था के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से आगामी कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
निर्विरोध चुनी गई नई टीम
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष सुनील सोमानी ने बताया कि बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और आपसी सहमति से कमलेश दरगड़ को अध्यक्ष एवं धर्मेन्द्र बसेर को सचिव मनोनीत किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों का कार्यकाल मार्च 2028 तक रहेगा। इसके साथ ही अनुभवी मार्गदर्शन के लिए राजेंद्र कुमार जागेटिया, सुनील सोमानी और राजेन्द्र पोरवाल को संरक्षक का दायित्व सौंपा गया है।
कार्यकारिणी का विस्तार
अध्यक्ष कमलेश दरगड़ ने अपनी टीम का विस्तार करते हुए निम्नलिखित नियुक्तियां की हैं:
- उपाध्यक्ष: जगदीश सोनी
- कोषाध्यक्ष: ओम सोमानी
- सहसचिव: मनोहर झवर
- संगठन मंत्री: सुशील बांगड
- प्रचार प्रसार मंत्री: दिनेश तोषनीवाल
सेवा संकल्प: मानव और जीव सेवा ही सर्वोपरि
नवनियुक्त अध्यक्ष ने अपने प्रथम उद्बोधन में सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य मानव, पशु और पक्षी सेवा रहेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि पिछले 3 वर्षों से चल रही सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
आगामी सेवा प्रकल्प:
- गौ-सेवा: बेसहारा गायों के लिए गुड़ और उपचार की व्यवस्था करना।
- स्वास्थ्य एवं आहार: सरकारी अस्पतालों में फल वितरण और वृद्धाश्रम में भोजन की व्यवस्था।
- असहाय सहायता: रेलवे व बस स्टेशन पर जरूरतमंद परिवारों को भोजन के पैकेट और बिस्किट वितरित करना।
- पर्यावरण एवं पक्षी रक्षा: पक्षियों के लिए परिंडे लगाना।
पारदर्शिता और जन-भागीदारी
संस्था की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक सदस्य द्वारा मासिक सहयोग दिया जाता है। साथ ही, सदस्यों के जन्मदिन और पुण्यतिथि पर मिलने वाले आर्थिक सहयोग को उसी माह सेवा कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़कर संस्था को सेवा के नए आयामों तक पहुँचाएं।
बैठक का समापन “जय महेश, जय गौ माता” के उद्घोष के साथ हुआ।


