भीलवाड़ा में अक्षय तृतीया पर सजेगा ‘विराट सामूहिक विवाह सम्मेलन’, 31 जोड़े लेंगे सात फेरे; तैयारियाँ जोरों पर।
भीलवाड़ा: अक्षय तृतीया पर 31 जोड़े रचाएंगे ब्याह, 83 प्रकार के घरेलू उपहारों से गूंजेगा ऋषि श्रृंग संस्थान
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा, 17 अप्रैल।
राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में श्री निंबार्क पारमार्थिक सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित प्रथम ‘विराट सामूहिक सकल हिंदू समाज विवाह महोत्सव’ की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। 19 अप्रैल (रविवार) को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर समाज के हर वर्ग में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
संतों का मिलेगा पावन सानिध्य
यह महोत्सव महंत मोहन शरण शास्त्री महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न होगा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन, बाबू गिरी जी महाराज, महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी, महंत संत दास जी, महंत बनवारी शरण जी काठिया और महंत गोपाल दास जी महाराज सहित चर्तु संप्रदाय वैष्णव विरक्त मेवाड़ मंडल के प्रमुख संतों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
83 प्रकार के उपहार और भव्य आयोजन
इस विवाह सम्मेलन की सबसे खास बात वर-वधु को दिए जाने वाले उपहार हैं। मुख्य जजमान राकेश और दीपिका शर्मा के सहयोग से प्रत्येक जोड़े को 83 प्रकार के घरेलू उपयोगी सामान भेंट किए जाएंगे। इसमें प्रमुख रूप से:
- आभूषण: सोने का मंगलसूत्र, सोने की नोज पिन, चांदी की पायल और बिछिया।
- फर्नीचर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स: अलमारी, पलंग, सिलाई मशीन, पंखा, मिक्सी, प्रेस।
- अन्य: कुर्सी, टेबल, सूटकेस और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं।
कार्यक्रम की समय सारणी (19 अप्रैल):
सम्मेलन का आयोजन ऋषि श्रृंग संस्थान, हरनी महादेव रोड पर होगा। कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
- प्रातः 7:15 बजे: गणपति एवं कलश स्थापना।
- प्रातः 9:15 बजे: चित्रकूट धाम से भव्य शोभायात्रा एवं बारात प्रस्थान (घोड़े, बग्गी और राधा-कृष्ण की झांकियों के साथ)।
- प्रातः 11:15 बजे: तोरण एवं बारात स्वागत।
- दोपहर 12:15 बजे: वरमाला एवं संत सम्मान समारोह।
- दोपहर 2:15 बजे: पाणिग्रहण संस्कार (फेरे)।
- सायं 4:15 बजे: विदाई समारोह।
सुचारू संचालन के लिए बनी टीमें
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए अलग-अलग कमेटियों और टीमों का गठन किया गया है। इसमें समाजसेवी संगठन, प्रबुद्ध जन और स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी अपनी सेवाएं देंगे। भगवा और पीतांबरी झंडों की अगवानी में निकलने वाली यह बारात आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी।


