शाहपुरा की बेटियों का अनूठा धर्म-प्रेम: पुरुषोत्तम मास में मायके आकर किया 150 ब्राह्मण जोड़ों का ब्रह्मभोज, छप्पन भोग से महका गोविंद देव मंदिर
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा:
मायके के प्रति प्रेम, संस्कार और धर्म के प्रति अटूट आस्था का एक अद्भुत संगम हाल ही में शाहपुरा में देखने को मिला। पवित्र ‘पुरुषोत्तम मास’ के शुभ अवसर पर झंवर परिवार की बेटियों ने अपने मायके आकर जो धर्म-कार्य किया, वह न केवल उनके परिवार के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे शाहपुरा के लिए प्रेरणा बन गया है।
ब्रह्मभोज से गूंजा माहेश्वरी भवन
देश के विभिन्न हिस्सों में विवाहित होकर बसीं झंवर परिवार की बेटियों ने एकजुट होकर अपने मायके में भव्य ‘ब्रह्मभोज’ का आयोजन किया। इस पुनीत अवसर पर नगर के 150 ब्राह्मण जोड़ों को श्रद्धापूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण कराया गया। बेटियों द्वारा किए गए इस भव्य आयोजन की नगर भर में प्रशंसा हो रही है।
ठाकुर जी को अर्पित किए छप्पन भोग
केवल ब्रह्मभोज ही नहीं, बल्कि आस्था के केंद्र श्री गोविंद देव जी के मंदिर में भी इन बेटियों ने अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होंने ठाकुर जी को ‘छप्पन भोग’ का दिव्य भोग अर्पित कर परिवार और समाज के कल्याण की कामना की। मंदिर में इस दौरान भक्तिमय माहौल रहा।
संस्कारों की मिसाल
पुजारी महावीर प्रसाद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि बेटियों का अपने पियर (मायके) के प्रति यह स्नेह और पुरुषोत्तम मास की महिमा को समझते हुए किया गया यह पुण्य कार्य अनुकरणीय है। यह आयोजन झंवर परिवार की बेटियों—रूपचंद जी और रतन लाल जी की बेटियों व पोतियों—के उच्च संस्कारों को दर्शाता है।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों ने बेटियों के इस हौसले और धार्मिक समर्पण की सराहना की और कामना की कि ठाकुर जी की कृपा इस परिवार पर सदैव बनी रहे।
— मोनू सुरेश छीपा
संपादक, द वॉयस ऑफ राजस्थान


