मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार का विद्यार्थियों की सुरक्षा पर फोकस, भीलवाड़ा के 116 जर्जर स्कूल भवनों पर जल्द होगी कार्रवाई
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने जिला कलक्टर से की मुलाकात, मानसून से पहले मरम्मत और नवनिर्माण कार्य तेज करने की मांग
भीलवाड़ा, 3 जून | मोनू सुरेश छीपा, द वॉयस ऑफ राजस्थान
राजस्थान में मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने भीलवाड़ा जिले के जर्जर एवं असुरक्षित सरकारी स्कूल भवनों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिला कलक्टर से मुलाकात कर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया।
भाजपा जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया के अनुसार, मेवाड़ा ने जिला प्रशासन को अवगत कराया कि जिले में लगभग 116 सरकारी विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में हैं, जिनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। आगामी मानसून और नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर और संवेदनशील है। सरकार द्वारा प्रदेशभर में विद्यालय भवनों का निरीक्षण कर जर्जर भवनों को चिन्हित करने, विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में कमजोर भवनों और क्षतिग्रस्त छतों से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित हुए बिना सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख सुझाव रखे। इनमें पूरी तरह जर्जर भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण शुरू करना, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों की तकनीकी जांच कर ग्रीष्मावकाश के दौरान मरम्मत कार्य पूरा करना तथा निर्माण कार्य पूर्ण होने तक विद्यार्थियों को सुरक्षित वैकल्पिक भवनों में अध्ययन की व्यवस्था उपलब्ध कराना शामिल है।
जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार की इस पहल से विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
बाइलाइन : मोनू सुरेश छीपा | द वॉयस ऑफ राजस्थान


