संघर्ष से सफलता तक: नीरज रजवानी बने RPSC स्कूल व्याख्याता, युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल
लगातार तीन असफलताओं के बाद भी नहीं हारे हौसले, 1 अप्रैल 2026 को मिली सफलता—संदेश: निराशा नहीं, रास्ता बदलो और आगे बढ़ो
मोनू सुरेश छीपा | द वॉयस ऑफ राजस्थान
जयपुर/राजस्थान।
कहते हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां नीरज रजवानी ने लगातार असफलताओं के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और आखिरकार 1 अप्रैल 2026 को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा में स्कूल व्याख्याता (School Lecturer) पद पर चयनित होकर सफलता हासिल की।
नीरज रजवानी एक ऐसे समाज से ताल्लुक रखते हैं जहां अधिकतर लोग व्यवसाय को अपनाते हैं, लेकिन उन्होंने बचपन से ही कुछ अलग करने का सपना देखा। छोटी उम्र में पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा।
करीब तीन साल पहले करियर की तलाश में जयपुर की गलियों में भटकते हुए उनके मन में कई सवाल थे, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था—राजस्थान में सरकारी सेवा में चयन। इस दौरान उनका सबसे बड़ा सहारा बना उनका मजबूत संकल्प और वे लोग, जिन्होंने हर कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया।
संघर्ष के इस सफर में उन्हें तीन बड़े झटके लगे। जूनियर अकाउंटेंट के फाइनल परिणाम में कुछ अंकों से चूक गए, इसके बाद संगणक परीक्षा की अंतिम मेरिट में स्थान नहीं मिला और फिर असिस्टेंट प्रोफेसर के इंटरव्यू तक पहुंचकर भी सफलता हाथ नहीं लगी। इन असफलताओं ने कई बार उन्हें तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
लगातार प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर आखिरकार उन्हें सफलता मिली और RPSC की परीक्षा में स्कूल व्याख्याता पद पर चयन हुआ। इस उपलब्धि के बाद उनके मन में गहरा संतोष है कि उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से प्रयास किया।
इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने सपोर्ट सिस्टम—परिवार, मित्रों और उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने हर मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया।
नीरज रजवानी ने अपनी इस कहानी के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जीवन में एक रास्ते पर सफलता नहीं मिले तो दूसरा रास्ता अपनाएं, लेकिन कभी निराश होकर जीवन समाप्त करने जैसा कदम न उठाएं। हाल ही में करियर के दबाव में कई युवाओं द्वारा उठाए गए ऐसे कदमों से वे बेहद आहत हैं।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी यह संघर्षपूर्ण कहानी किसी एक भी युवा को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, तो वे अपने प्रयास को सफल मानेंगे।


