शिक्षकों का हल्लाबोल: ग्रीष्मावकाश में कटौती के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा। 7 अप्रैल
शिविरा पंचांग 2026-27 में ग्रीष्मावकाश और संस्था प्रधानों के विवेकाधीन अवकाशों में की गई कटौती को लेकर प्रदेश भर के शिक्षकों में भारी रोष है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के आह्वान पर आज भीलवाड़ा जिले सहित प्रदेश भर के शिक्षकों ने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
जून में विद्यालय खोलना अव्यावहारिक
संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा और जिलामंत्री महेश मंडोवरा ने संयुक्त बयान में कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियाँ और जून माह की भीषण गर्मी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में जून में विद्यालय खोलने का निर्णय पूरी तरह से अव्यावहारिक और तर्कहीन है। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय उत्सवों और आयोजनों में बच्चों की शत-प्रतिशत भागीदारी रहती है, जिसे देखते हुए पूर्व में संस्था प्रधानों को दो अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया था, लेकिन विभाग ने इसे समाप्त कर दिया है।
कर्तव्य के साथ विरोध का अनोखा तरीका
शिक्षकों ने अपनी ड्यूटी में कोई बाधा नहीं डाली, बल्कि काली पट्टी बांधकर काम करते हुए सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाई। प्रदेश संगठन मंत्री लीलाधर तिवारी ने जानकारी दी कि यह विरोध अभी और तेज होगा।
अगला कदम: 20 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन और उग्र होगा। इसी क्रम में 20 अप्रैल को राजस्थान के सभी जिलों में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।


