*डॉ. कैलाश मण्डेला को दिया जाएगा राष्ट्रीय स्तर का ‘श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति ‘गीत रत्न’ सम्मान*
*एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए तथा ताम्र पत्र से किया जाएगा अलंकरण*
*17 अप्रैल को पुष्कर में होगा भव्य सम्मान समारोह एवं आध्यात्मिक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन*
✍️ *मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान*
शाहपुरा 13 अप्रैल
विश्वविख्यात हास्य कवि एवं संवेदनशील गीतकार स्व. श्री सुरेन्द्र दुबे की स्मृति के परिप्रेक्ष्य में प्रतिवर्ष द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति गीत रत्न सम्मान’ साहित्य सृजन कला संगम के सचिव, हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि, केन्द्रीय साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार एवं लोकप्रिय गीतकार, बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी शाहपुरा-राज. के डॉ. कैलाश मण्डेला को प्रदान किया जाएगा। श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का भव्य सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन 17 अप्रैल को पुष्कर स्थित गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ पर स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में हो रहे 43 दिवसीय गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अंतर्गत रात्रि 8 बजे से किया जाएगा। इस ऐतिहासिक महायज्ञ के अवसर पर इस आयोजन से इसकी गरिमा और महत्ता और बढ़ेगी। सम्मान के निमित्त एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए नगद एवं प्रतीक चिन्ह आदि दिए जाते हैं। देश भर में किसी कवि की स्मृति में व्यक्तिगत संस्थान द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों में यह प्रतिष्ठित सम्मान है। श्री कैलाश मण्डेला विगत 40 वर्ष से काव्य मंचों पर हिंदी व राजस्थानी भाषा के अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवि होने के साथ ही सुप्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक भी हैं। अब तक इनकी आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और केंद्रीय साहित्य अकादमी नई दिल्ली से पुरस्कृत होने वाले भीलवाड़ा जिले के पहले साहित्यकार होने सहित सहित देश की अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं से सम्मान, पुरस्कार एवं मानद उपाधियों से विभूषित हो चुके हैं। एक हजार से भी अधिक कवि सम्मेलनों एवं टीवी शो आदि में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके कवि मण्डेला काव्य मंचों के ऐसे चुनिंदा बहुआयामी विलक्षण कवियों में से हैं जो सभी रसों में अपनी प्रस्तुतियों और लेखन से एक जीवंत कवि के रूप में पहचाने जाते हैं। तीन हजार से भी अधिक दोहों तथा काव्य की विविध विधाओं में सृजित उनका सृजन शोध का विषय है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान से सम्मानित होने वाले कवियों में डॉ. मण्डेला राजस्थान के पहले कवि होंगे। अप्रतिम हास्य कवि, गीतकार एवं साहित्यकार स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति के इस सम्मान से अब तक देश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री श्री सुरेन्द्र शर्मा-नई दिल्ली, प्रतिष्ठित फिल्मी गीतकार संतोष आनंद-नई दिल्ली, पद्मश्री अशोक चक्रधर-नई दिल्ली, डॉ. कीर्ति काले- नई दिल्ली, श्री सत्यनारायण सत्तन- इंदौर, श्री हरिओम पंवार- मेरठ, डॉ. विष्णु सक्सेना- अलीगढ़ को सम्मानित किया गया है। संस्थान के सचिव डॉ. अविनाश दुबे ने बताया कि पुष्कर में गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अवसर पर इस आयोजन को करने से विद्वान और गुणी श्रोताओं की उपस्थिति एवं संबलन से कविता की मंच पर पुनर्स्थापना को नई दिशा मिलेगी। पुरस्कार चयन समिति की मानद सदस्य सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ.कीर्ति काले ने सम्मान के चयन को गरिमामय बताते हुए कहा कि श्री मण्डेला एक सम्पूर्ण कवि हैं जो मंच और लेखन के शाश्वत मूल्यों को जीते हैं। महायज्ञ के प्रणेता प्रखर महाराज के अनुसार कलयुग में पहली बार हो रहे इस महायज्ञ में देश भर के 2000 विद्वान पंडित 200 हवन वेदियों में आहूतियों के साथ 27 करोड़ गायत्री मंत्रों के जाप को पूर्ण करने की ओर अग्रसर हैं इस भक्तिमय माहौल में कविता को रसास्वादन याज्ञिकों में नवीन ऊर्जा भरेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल सहित देश भर के नेता एवं तथा धर्म गुरु व आचार्य तथा हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन यज्ञ व जपशाला की प्रदीक्षणा कर रहे हैं। श्री मण्डेला के इस सम्मान की घोषणा से साहित्य जगत में हर्ष व्याप्त है।
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*(दिनेश बंटी)*
सह सचिव
सादर प्रकाशनार्थ
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