डॉ. कैलाश मण्डेला को ‘सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान 2026’; पुष्कर की धरा पर कविताओं और आध्यात्म का अनूठा संगम
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
शाहपुरा/पुष्कर (मोनू सुरेश छीपा): विश्वविख्यात हास्यकवि स्व. सुरेंद्र दुबे की स्मृति में आयोजित 8वां सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन पुष्कर स्थित गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ पर संपन्न हुआ। स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में चल रहे 43 दिवसीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने धर्म और साहित्य के अद्भुत मेल को चरितार्थ किया।
शाहपुरा के डॉ. मण्डेला हुए सम्मानित:
अजमेर जिले की ख्याति को विश्व पटल पर स्थापित करने वाले कवि सुरेंद्र दुबे की स्मृति में इस वर्ष का ‘सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान-2026’ शाहपुरा (भीलवाड़ा) के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित जनकवि और साहित्य अकादमी पुरस्कृत साहित्यकार डॉ. कैलाश मण्डेला को प्रदान किया गया। उन्हें सम्मान स्वरूप 1,11,111 रुपये की राशि, ताम्र पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। संस्थान के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश दुबे व संतों ने उनके साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया।
काव्यपाठ से भाव-विभोर हुए श्रोता:
दिल्ली की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. कीर्ति काले के संचालन में हुए इस सम्मेलन में देश के विख्यात कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं:
- डॉ. कैलाश मण्डेला: अपनी गुरु वंदना ‘असीम जिनकी चेतना’ से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन पर पुष्पों और नोटों की वर्षा हुई।
- डॉ. प्रवीण शुक्ल (नई दिल्ली): भगवान कृष्ण के शस्त्र धारण पर अपनी श्रेष्ठ रचना प्रस्तुत की।
- प्रख्यात मिश्रा (लखनऊ): ओजस्वी स्वर में ‘राम वही जो शबरी को सम्मान दिलाने वाले हैं’ सुनाकर जोश भर दिया।
- दिनेश बंटी: हास्य रचना ‘पंचायती नोहरा’ से श्रोताओं को लोटपोट किया।
- शिव तूफान: व्यंग्य रचना ‘भगवान का पता’ से गुदगुदाया।
प्रमुख उपस्थिति:
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी प्रखर महाराज का भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, सज्जन प्रसाद तिवाड़ी, भजन गायक नंदू जी महाराज, और पंडित पुखराज दुबे सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। अध्यक्षता स्वामी आनंद ब्रह्मचारी महाराज ने की।


