ग्राम सरदारपुरा को पंचायत मुख्यालय बनाने की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन को दी मतदान बहिष्कार की चेतावनी
*मोनू सुरेश छीपा।
द वॉयस ऑफ राजस्थान9667171141*
शाहपुरा। पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत नवसृजित की जा रही ग्राम पंचायत सांखलिया के विरोध में ग्राम सरदारपुरा के सैंकड़ों ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पंचायत मुख्यालय सरदारपुरा करने की जोरदार मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन प्रक्रिया में जनसंख्या और मतदाता संख्या के आधार पर संतुलन नहीं रखा गया है। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सरदारपुरा में 975 मतदाता हैं, जबकि प्रस्तावित पंचायत मुख्यालय सांखलिया में मात्र 773 मतदाता हैं। ग्रामीणों ने छोटे गांव को पंचायत मुख्यालय बनाए जाने के इस निर्णय को अन्यायपूर्ण और नियमों के विरुद्ध बताया।
ग्रामीणों ने मांग की कि प्रस्तावित पंचायत का नाम ग्राम पंचायत सरदारपुरा रखा जाए तथा सांखलिया, सुदर्शनपुरा और श्रीनगर को सरदारपुरा पंचायत में सम्मिलित किया जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांग पर पुनर्विचार नहीं करता है तो पूरा गांव आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेगा। ग्रामीणों ने कहा कि निर्णय में पारदर्शिता और जनसांख्यिकीय आधार को प्राथमिकता दी जाए, अन्यथा आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय दलीचन्द गुर्जर, सांवरा बैरवा, रोड़ू माली, किशन माली, खाना माली, शिवराज माली, कन्हैया लाल गुर्जर, परभू दरोगा, बन्ना बैरवा, देबी बैरवा, भोना भील, जीतू भील, रामस्वरूप गुर्जर, शंभू दारोगा, पीरू बैरवा, सूखा बैरवा, महावीर बैरवा, जगदीश बैरवा, छित्तर बारेठ, दुर्गा बारेठ, बन्ना नाथ, लादू बैरवा, रामा बागरिया, गोपाल बागरिया, रामदयाल प्रजापत, बलदेव प्रजापत, सीमा दरोगा, सजनी गुर्जर सहित सरदारपुरा एवं सुदर्शनपुरा के सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।


