गोमाता को राष्ट्रमाता बनाने का संकल्प, 30 दिसंबर को हरि शेवा धाम में राज्य स्तरीय बैठक
गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौ रक्षा हेतु केन्द्रीय कानून की मांग को लेकर संतों-गोभक्तों का समागम

✍️ *मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*
भीलवाड़ा।
गोमाता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर देशभर में चल रहे गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत 30 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे हरि शेवा धाम, भीलवाड़ा में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
अभियान से जुड़े आयोजकों ने बताया कि यह गो सम्मान आह्वान अभियान किसी संस्था, संगठन अथवा राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौमाता के प्रधान संरक्षण एवं नंदी बाबा की अध्यक्षता में संचालित हो रहा है। अभियान का उद्देश्य गौमाता के सम्मान के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस और प्रभावी सरकारी नीतियां बनवाना है।
देश की 5000 तहसीलों और 790 जिलों में चल रहा अभियान
गौरतलब है कि भारत की 5000 तहसीलों एवं 790 जिलों में गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए यह अभियान सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केन्द्र सरकार से प्रार्थना के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की जाएगी।
प्रमुख मांगें
अभियान के माध्यम से सरकार से मांग की जाएगी कि गौ रक्षा हेतु केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोहत्या एवं गोतस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान हो, जब्त किए गए वाहनों का उपयोग गोशालाओं के हित में किया जाए तथा गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए। इसके साथ ही गोबर व गोमूत्र आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालयों की स्थापना, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल के उपयोग को अनिवार्य करने की मांग भी की जाएगी।
आगे की कार्ययोजना
अभियान की कार्ययोजना के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 तक देशभर में जनजागरण किया जाएगा। 27 अप्रैल 2026 को प्रत्येक तहसील एवं जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। इसके पश्चात 27 फरवरी 2027 से देश की राजधानी दिल्ली में संतों और गोभक्तों द्वारा शांतिपूर्ण संकीर्तन प्रारंभ किया जाएगा, जो 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।
अहिंसक और शान्तिपूर्ण रहेगा आंदोलन
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूर्णतः अहिंसक और शान्तिपूर्ण रहेगा। इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक भाषण या मंचीय प्रदर्शन नहीं होगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र रहेगा, जबकि माध्यम संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण होगा।
आयोजक मंडल ने सभी गोभक्तों, संतों एवं सनातन समाज के नागरिकों से 30 दिसंबर को हरि शेवा धाम पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।


