समाज और राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार हैं शिक्षक : गोविन्द कुमार
विद्या भारती के नवीन आचार्य अभ्यास वर्ग का समापन समारोह संपन्न
मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान
भीलवाड़ा, 16 जून। विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ जिले के नवीन आचार्यों के लिए आयोजित दस दिवसीय अभ्यास वर्ग का समापन समारोह मंगलवार को आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर भीलवाड़ा में आयोजित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविन्द कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला नहीं होता, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के चरित्र निर्माण का प्रमुख आधार होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा आचार्यों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा एवं संस्कारों का विकास करें।
वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव देवराज सिंह राणावत ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से 132 नवीन आचार्यों को विद्यालयीन कार्यप्रणाली, विद्या भारती के उद्देश्य, कार्यपद्धति एवं संस्कार आधारित शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष हीरालाल टेलर ने की। मुख्य अतिथि पूर्व छात्र जयदेव पारीक तथा विशिष्ट अतिथि विद्या भारती शिक्षा संस्थान प्रतापगढ़ के प्रभारी जितेन्द्र कुमार जोशी रहे।
दस दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में नवीन आचार्यों को शिक्षण कौशल, संगठनात्मक कार्यपद्धति एवं संस्कारमूलक शिक्षा के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सुलेख, श्रुतिलेख, वंदना अभ्यास, विषय शिक्षण, अभिभावक संपर्क, विद्यालयी गतिविधियों के संचालन तथा प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
समारोह में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के सदस्य अशोक कुमार व्यास, चित्तौड़गढ़ विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव कैलाशचन्द्र शर्मा, सह संयोजक प्रज्ञा प्रवाह राजस्थान क्षेत्र सत्यनारायण कुमावत, स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य अविनाश कुमार छीपा सहित प्रशिक्षणार्थी आचार्य एवं दीदी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सांवरलाल प्रजापत ने किया।


