कॉलेज जीवन से शुरू हुई सेवा की राह, जरूरत पड़ते ही अस्पताल पहुंचकर देती हैं रक्तदान
मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान
रक्तदान बना जीवन का संकल्प: 28 वर्ष की वंशिका घबरानी 21 बार कर चुकी हैं रक्तदान
कॉलेज जीवन से शुरू हुई सेवा की राह, जरूरत पड़ते ही अस्पताल पहुंचकर देती हैं रक्तदान
मोनू सुरेश छीपा। द वॉयस ऑफ राजस्थान
भीलवाड़ा। आज के दौर में जहां लोग अपने कार्यों और व्यस्तताओं में उलझे रहते हैं, वहीं भीलवाड़ा की 28 वर्षीय युवा उद्यमी वंशिका कोगटा घबरानी मानव सेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं, जो समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। अब तक 21 बार रक्तदान कर चुकी वंशिका ने रक्तदान को केवल सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि जीवन का संकल्प बना लिया है।
वंशिका घबरानी, माता आरती कोगटा एवं पति जय घबरानी के परिवार से जुड़ी हैं। व्यवसाय के क्षेत्र में भी उन्होंने कम उम्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए भीलवाड़ा में पहली बार ब्लिंकिट सेवा की शुरुआत की है। व्यवसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें विशेष पहचान दिला रही है।
कॉलेज में अध्ययन के दौरान पहली बार रक्तदान करने के बाद वंशिका को यह एहसास हुआ कि उनके एक यूनिट रक्त से किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और रक्तदान को नियमित सेवा का माध्यम बना लिया।
अरिहंत हॉस्पिटल, महात्मा गांधी चिकित्सालय, रामस्नेही हॉस्पिटल, माहेश्वरी समाज के रक्तदान शिविरों, मुस्कान फाउंडेशन के आयोजनों, गुरुद्वारों में आयोजित रक्तदान शिविरों सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में वे लगातार रक्तदान करती रही हैं। कोविड काल जैसे कठिन समय में भी जब लोगों को रक्त की आवश्यकता पड़ी, तब उन्होंने आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश की।
इतना ही नहीं, कई बार रक्त की तत्काल आवश्यकता होने पर वंशिका सीधे अस्पताल पहुंचकर रक्तदान कर चुकी हैं। उनके इस सेवा भाव ने अनेक लोगों को नया जीवन देने का कार्य किया है।
द वॉयस ऑफ राजस्थान से विशेष बातचीत में वंशिका घबरानी ने अपनी प्रेरणा का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि “रक्तदान की भावना मुझे मेरे मम्मी-पापा से मिले संस्कारों से मिली है। उन्होंने हमेशा दूसरों की मदद करना सिखाया है। यदि मेरे रक्तदान से किसी की जान बचती है तो इससे बड़ा सुख मेरे लिए कोई नहीं हो सकता।”
वंशिका की माता आरती कोगटा भारतीय जनता पार्टी में जिला पदाधिकारी के रूप में सक्रिय हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी निरंतर योगदान देती रही हैं। परिवार से मिले सेवा, संस्कार और समाजहित के भाव ने ही वंशिका को मानव सेवा की इस राह पर आगे बढ़ाया है।
समाज के युवाओं के लिए वंशिका घबरानी एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। उनका मानना है कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है। उनके इस सेवा भाव और समर्पण को समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा सराहा जा रहा है।
रक्तदान के प्रति उनकी जागरूकता और समाजसेवा का जज्बा निश्चित रूप से युवाओं को आगे आकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता रहेगा।


