विप्र महाकुंभ 2026 में गूंजा विप्र एकता का स्वर, हजारों समाजबंधुओं की ऐतिहासिक सहभागिता
धर्म, संस्कृति और सामाजिक जागरण का बना भव्य संगम, यज्ञोपवीत संस्कार व ब्रह्मभोज रहे आकर्षण का केंद्र
गुलाबपुरा, 18 जून (रामकिशन वैष्णव)। कृषि उपज मंडी परिसर बिजयनगर में बुधवार को आयोजित विप्र महाकुंभ 2026 ने विप्र समाज की एकता, संस्कृति और सामाजिक चेतना का अभूतपूर्व परिचय दिया। हजारों विप्र समाजजन एक मंच पर एकत्रित हुए और समाज की शक्ति, संगठन एवं संस्कारों का संदेश पूरे क्षेत्र में प्रसारित किया। भव्य आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार, धर्मध्वज और समाजोत्थान के संकल्पों के बीच संपन्न हुआ, जिसने क्षेत्र के सबसे बड़े सामाजिक आयोजनों में अपनी विशेष पहचान बनाई।
कार्यक्रम में परम पूज्य स्वामी प्रखर जी महाराज ने समाज को संगठित रहने, संस्कारों को जीवन में अपनाने तथा युवा पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का संचार किया।
महाकुंभ का प्रमुख आकर्षण यज्ञोपवीत संस्कार रहा, जिसमें बड़ी संख्या में बटुकों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उपनयन संस्कार ग्रहण किया। वहीं महिलाओं की विशाल भागीदारी के साथ निकाली गई कलश यात्रा ने आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। समाज के वरिष्ठजनों, गणमान्य नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।
आयोजन के दौरान आयोजित विशाल विप्र महा ब्रह्मभोज में हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। यह दृश्य सामाजिक समरसता, एकजुटता और सामूहिकता का अनुपम उदाहरण बन गया।
विप्र फाउंडेशन जोन 1F के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने आयोजन की सफलता पर सभी समाजबंधुओं, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विप्र समाज के नवजागरण का सशक्त अभियान है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज की यह एकता भविष्य में और अधिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयाम स्थापित करेगी।
उन्होंने कहा कि बिजयनगर की पावन धरती पर आयोजित यह महाकुंभ आने वाले वर्षों तक समाज की स्मृतियों में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा ने भी आयोजन को सफल बनाने वाले सभी समाजजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
