श्री प्रतापसिंह बारहठ महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह
राष्ट्रीय संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने किया महापुरुष को सम्मान
✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*

शाहपुरा: श्री प्रतापसिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा राजस्थान) इकाई शाहपुरा के तत्वावधान में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। छात्रा डाली कुम्हार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता सूर्यप्रकाश शर्मा (सह-कुटुम्ब प्रबोधन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, चित्तौड़ प्रांत) ने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक के रूप में प्रस्तुत करते हुए उनके अद्वितीय कार्यों और आदिवासी समुदाय के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करना आवश्यक है, और दुर्भाग्य से भगवान बिरसा मुंडा के कार्यों को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य पुष्करराज मीणा ने कहा कि व्यक्ति अपने सत्कर्मों से महान बनता है। भगवान बिरसा मुंडा ने अल्पायु में ही समाज सुधारक और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण उन्हें ‘धरती आबा’ अर्थात पृथ्वी के पिता के नाम से जाना जाता है। प्रो. मूलचंद खटीक ने जल, जंगल और जमीन के लिए आदिवासियों को संगठित कर अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान आंदोलन की जानकारी दी।
समारोह में सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन ए.बी.आर.एस.एम. के स्थानीय इकाई सचिव डॉ. रंजीत जगरिया ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मूलचंद खटीक ने किया और राष्ट्रगीत वन्देमातरम् के साथ समापन हुआ।



