भीलवाड़ा: सूर्य सप्तमी पर गूँजा ‘जय सूर्य देव’, मुंशी और सरदारनगर में विद्यार्थियों ने किया सामूहिक सूर्य नमस्कार

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भीलवाड़ा: सूर्य सप्तमी पर गूँजा ‘जय सूर्य देव’, मुंशी और सरदारनगर में विद्यार्थियों ने किया सामूहिक सूर्य नमस्कार

✍️ *मोनू सुरेश छीपा।द वॉयस ऑफ राजस्थान 9667171141*

बनेड़ा/शाहपुरा (भीलवाड़ा)।

​सूर्य सप्तमी के पावन अवसर पर आज बनेड़ा उपखंड के विभिन्न ग्रामों में स्वास्थ्य और योग का अनूठा संगम देखने को मिला। उपखंड अधिकारी (बनेड़ा) श्रीकान्त व्यास और आयुर्वेद विभाग भीलवाड़ा के उप निदेशक डॉ. महाराज सिंह के कुशल नेतृत्व में क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेदिक औषधालयों द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

इन केंद्रों पर हुआ सफल आयोजन

प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय (मुंशी), डॉ. सरफराज अली खान ने जानकारी देते हुए बताया कि सूर्य सप्तमी के विशेष उपलक्ष्य में राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय सरदार नगर, राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय मुंशी और राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय लापिया में विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों को सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार करवाया गया।

12 आसनों से निरोगी काया का संदेश

इस दौरान डॉ. सरफराज अली खान ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सूर्य नमस्कार के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक ऐसा समूह है, जो संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए रामबाण है।

सूर्य नमस्कार के प्रमुख लाभ:

  • सर्वांगीण विकास: यह वजन घटाने, शरीर को लचीला बनाने और पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक है।
  • मानसिक शांति: इसके नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
  • त्वचा और रक्त संचार: यह रक्त संचार को बेहतर कर त्वचा में प्राकृतिक चमक लाता है और शरीर को डिटॉक्स (विषैले पदार्थों को बाहर निकालना) करता है।
  • हृदय और फेफड़े: नियंत्रित श्वास के साथ अभ्यास करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  • महिला स्वास्थ्य: डॉ. खान ने बताया कि महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि यह मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में मदद करता है।

योग प्रशिक्षकों ने दी ट्रेनिंग

कार्यक्रम को सफल बनाने में योग प्रशिक्षक कमलेष कुमार सैन, रोशन व्यास और कुलदीप सिंह राठौड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सूर्य नमस्कार के प्रत्येक चरण को बारीकी से सिखाया और प्रतिदिन इसे अपनी जीवनशैली में शामिल करने का संकल्प दिलाया।

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