विश्व प्रसिद्ध फड़ चित्रकार विवेक जोशी ने हल्दीघाटी युद्ध को फड़ चित्रकला में किया जीवंत, महाराणा प्रताप जयंती पर बनाई विशेष पेंटिंग

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✍️ मोनू सुरेश छीपा

द वॉयस ऑफ राजस्थान | 9667171141

विश्व प्रसिद्ध फड़ चित्रकार विवेक जोशी ने हल्दीघाटी युद्ध को फड़ चित्रकला में किया जीवंत, महाराणा प्रताप जयंती पर बनाई विशेष पेंटिंग


✍️ मोनू सुरेश छीपा

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शाहपुरा, 12 जून। महाराणा प्रताप जयंती एवं हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध शाहपुरा शैली के फड़ चित्रकार ने हल्दीघाटी युद्ध पर आधारित एक विशेष फड़ पेंटिंग तैयार कर वीरता, स्वाभिमान और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को चित्रों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया है।


विवेक जोशी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात फड़ चित्रकार के सुपुत्र हैं। जोशी परिवार पिछले लगभग 700 वर्षों से शाहपुरा की पारंपरिक फड़ चित्रकला को उसकी मौलिकता और सांस्कृतिक विरासत के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस परिवार द्वारा निर्मित फड़ चित्र भारत ही नहीं बल्कि विदेशों के संग्रहालयों, एयरपोर्ट, राजकीय भवनों और प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्थापित हैं।


विवेक जोशी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनके भाई को भी हाल ही में भारत की माननीय राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। विजय जोशी द्वारा निर्मित एक विशेष पेंटिंग हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को भेंट की गई थी।


फड़ में उकेरी हल्दीघाटी युद्ध की गौरवगाथा


विवेक जोशी ने बताया कि इस विशेष फड़ चित्रकला में हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को दर्शाया गया है। चित्र में वह ऐतिहासिक घटना दिखाई गई है जब आमेर के राजा ने महाराणा प्रताप को वार्ता के लिए आमंत्रित किया, लेकिन महाराणा स्वयं नहीं गए और अपने पुत्र अमर सिंह को भेजा। इसे अपना अपमान मानते हुए मानसिंह ने युद्ध की चुनौती दी और इसके बाद हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।


चित्र में वीर शिरोमणि को अपनी सेना के साथ युद्ध करते हुए दर्शाया गया है। युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप द्वारा मानसिंह पर भाले से किए गए प्रहार, चेतक की अद्भुत वीरता, हाथी की सूंड में लगी तलवार से चेतक का घायल होना तथा उसके बाद चेतक द्वारा महाराणा प्रताप को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का दृश्य अत्यंत प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया गया है।


इसके साथ ही चित्र में महाराणा प्रताप के भाई का भावनात्मक प्रसंग भी दर्शाया गया है, जिसमें युद्ध के बाद उन्हें अपनी भूल का एहसास होता है और वे महाराणा प्रताप से मिलकर उन्हें गले लगाते हैं।


5 गुणा 12 फीट की विशाल फड़ में भी किया था संपूर्ण हल्दीघाटी युद्ध का चित्रण


विवेक जोशी ने बताया कि इससे पूर्व वे 5 गुणा 12 फीट की विशाल फड़ चित्रकला में संपूर्ण हल्दीघाटी युद्ध का विस्तृत चित्रण भी कर चुके हैं। वर्तमान में तैयार की गई यह विशेष फड़ उसी विषय की एक लघु प्रस्तुति है, जिसमें युद्ध के प्रमुख प्रसंगों को कलात्मक और ऐतिहासिक दृष्टि से दर्शाया गया है।


शाहपुरा की विश्वविख्यात फड़ चित्रकला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाने वाले जोशी परिवार का यह कार्य न केवल कला संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास, संस्कृति और वीरता की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम है।


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