शाहपुरा फायरिंग प्रकरण का 48 घंटे में खुलासा: पुलिस ने पांचों आरोपियों को किया गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद
उपशीर्षक: उम्मेदसागर क्षेत्र में हुई फायरिंग के मामले में त्वरित कार्रवाई, पुलिस रिमांड के दौरान जांच जारी
✍️ मोनू सुरेश छीपा | द वॉयस ऑफ राजस्थान
शाहपुरा। शाहपुरा थाना पुलिस ने उम्मेदसागर क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए मामले में कथित रूप से संलिप्त सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टोपीदार बंदूक भी बरामद कर ली है। मामले की जांच जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य एवं पुलिस उपाधीक्षक ओमप्रकाश विष्णोई के सुपरविजन में थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस के अनुसार, गठित टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार यह है मामला
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को शाहपुरा निवासी किशन गुर्जर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने साथी महेंद्र कहार के साथ उम्मेदसागर क्षेत्र में गया था। इस दौरान पास में मौजूद कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया। शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान एक आरोपी ने कथित रूप से टोपीदार बंदूक से फायर किया, जिससे महेंद्र के पैर तथा बीच-बचाव के दौरान शिकायतकर्ता के हाथ में चोट लगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इस संबंध में शाहपुरा थाने में प्रकरण संख्या 194/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 115(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मामला दर्ज किया गया।
24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार, बाद में दो और दबोचे
पुलिस के अनुसार, घटना के 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टोपीदार बंदूक बरामद कर ली गई। न्यायालय से दो दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद जांच आगे बढ़ाई गई। इसके बाद 30 जून को शेष दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 1 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विशेष पुलिस टीम ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र, उपनिरीक्षक बालकिशन, सहायक उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, गोपाल प्रजापत, महेन्द्र कुमार तथा पुलिसकर्मी महेन्द्र सिंह, अमित, अशोक, अरविन्द और सूर्यवीर सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नोट: सभी आरोपी न्यायालय में दोष सिद्ध होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी हैं। मामले की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
